सिटी पोस्ट लाइव
होली के त्योहार को लेकर जहाँ एक ओर पूरे बिहार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं मोतिहारी जिले से पुलिस विभाग के भीतर की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के एसपी स्वर्ण प्रभात ने अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक साथ 37 पुलिस सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ड्यूटी से ‘फरार’ होना पड़ा भारी
होली जैसे संवेदनशील और बड़े त्योहार पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पुलिस बल की तैनाती की थी। सूत्रों के अनुसार, निलंबित किए गए ये सभी 37 जवान बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अनुमति के अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। त्योहार के समय जब पुलिस बल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब इस तरह की लापरवाही को एसपी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त लहजे में कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और ड्यूटी के प्रति कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित सिपाहियों की सूची जारी होते ही पुलिस लाइन से लेकर थानों तक खलबली मची हुई है।
हुड़दंगियों पर नजर, पुलिस ‘अलर्ट मोड’ पर
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि होली के दौरान हुड़दंग और उपद्रव करने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा, साथ ही राज्य में प्रभावी शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अनुशासन का कड़ा संदेश
एसपी की इस कार्रवाई को पुलिस बल के भीतर जवाबदेही तय करने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। जिले के आला अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान गश्त बढ़ा दी गई है और सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है। एसपी स्वर्ण प्रभात का यह ‘हंटर’ साफ संदेश देता है कि वर्दी की गरिमा और जिम्मेदारी के साथ समझौता करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।