सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में दशकों से चली आ रही भूमि विवाद की समस्याओं को जड़ से मिटाने के लिए राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कमर कस ली है। बुधवार को गयाजी की पावन धरती पर आयोजित एक भव्य ‘जनसंवाद कार्यक्रम’ के दौरान मंत्री ने न केवल लोगों की फरियाद सुनी, बल्कि अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी भी दी। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब जिला ही नहीं, बल्कि प्रखंड (Block) स्तर पर भी जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे ताकि आखिरी कतार में खड़े व्यक्ति को न्याय मिल सके।
सिर्फ घोषणा नहीं, समाधान है मकसद
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गयाजी में जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम कोई सरकारी औपचारिकता नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना या फाइलों को इधर-उधर करना नहीं है, बल्कि जमीन पर उतरकर जनता की वास्तविक पीड़ा को दूर करना है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भूमि अधिग्रहण, दाखिल-खारिज (Mutation), और राजस्व से जुड़ी शिकायतों का अब त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रखंड स्तर पर अधिकारियों की होगी जवाबदेही
मंत्री ने अपने आगामी रोडमैप का खुलासा करते हुए बताया कि अक्सर ग्रामीण और गरीब तबके के लोग जिला मुख्यालय तक नहीं पहुँच पाते। इसी समस्या को देखते हुए अब वे स्वयं प्रखंड स्तर पर जाकर जनता की अदालत लगाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रखंड स्तर पर आने वाली हर एक समस्या को रिकॉर्ड किया जाए और एक निश्चित समय सीमा के भीतर उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने साफ कहा कि काम में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिकॉर्ड की जाएगी हर एक फरियाद
जनसंवाद की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आने वाली हर समस्या का ‘डेटाबेस’ तैयार किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि समस्याओं को रिकॉर्ड करने के बाद उनकी निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पीड़ित को न्याय मिला है या नहीं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे निर्भीक होकर अपने मुद्दे साझा करें और बिचौलियों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे विभाग से संपर्क करें।
सरकार और जनता के बीच बढ़ेगा भरोसा
कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय लोगों ने मंत्री की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि जब मंत्री स्वयं जनता के बीच पहुँचेंगे, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ेगी। गयाजी से शुरू हुआ यह सिलसिला अब बिहार के कोने-कोने में पहुँचने वाला है, जिसे सुशासन की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है।