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बिहार सरकार ने राज्य के विकास और विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें से कई फैसले सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करेंगे। इन फैसलों में आधारभूत संरचना का विकास, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और विभिन्न सरकारी कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि शामिल है।
प्रमुख फैसले और उनका प्रभाव
जेपी गंगा पथ और खेल संरचना का विस्तार:
बिहार की राजधानी पटना में कनेक्टिविटी और खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जेपी गंगा पथ के निर्माण कार्य के लिए 4,119 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। यह परियोजना पटना में यातायात को सुगम बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, पटना प्रमंडल में खेल संरचनाओं के निर्माण के लिए 100 एकड़ भूमि के अधिग्रहण हेतु 574.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा।
ग्राम कचहरी और होमगार्ड का मानदेय बढ़ा:
सरकार ने ग्रामीण स्तर पर न्याय व्यवस्था को मजबूत करने वाले ग्राम कचहरी के सदस्यों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। ग्राम कचहरी के सचिवों का मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है। यह फैसला 1 जुलाई से प्रभावी होगा। इसी तरह, बिहार गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवानों के कर्तव्य/प्रशिक्षण भत्ते में भी वृद्धि की गई है। उनका प्रतिदिन का भत्ता 774 रुपये से बढ़ाकर 1,121 रुपये कर दिया गया है, जो बिहार सरकार के पुलिसकर्मियों के न्यूनतम वेतन के अनुरूप है। यह फैसला इन कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक होगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
मेडिकल इंटर्न्स के स्टाइपेंड में वृद्धि:
राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले इंटर्न्स के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। उनके मासिक स्टाइपेंड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड 20,000 रुपये से बढ़ाकर 27,000 रुपये कर दिया गया है। पटना डेंटल कॉलेज, आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी के इंटर्न्स के स्टाइपेंड को भी 20,000 रुपये से बढ़ाकर 27,000 रुपये किया गया है। फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के इंटर्न्स को भी 20,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा। विदेशी आयुर्वेद ज्ञान स्नातक इंटर्न्स का स्टाइपेंड भी 20,000 रुपये से बढ़ाकर 27,000 रुपये किया गया है।
10+2 स्कूलों में 1800 नए पदों का सृजन:
शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण विभाग के तहत नव-स्वीकृत 40 आवासीय विद्यालयों में 10+2 के लिए नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन स्कूलों में कुल 1800 नए पदों का सृजन किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा। यह निर्णय सरकार की समावेशी शिक्षा नीति को दर्शाता है।