सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कार्यशैली और विकास कार्यों के साथ-साथ अपने ‘अजीबोगरीब’ व्यवहार और गुस्से के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं। ताजा मामला सीवान जिले का है, जहाँ ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच महिलाओं के एक समूह को सभा छोड़कर जाते देख नीतीश कुमार का पारा चढ़ गया और उन्होंने मंच से ही महिलाओं को टोकते हुए खरी-खरी सुना दी।
रुककर सुनेंगी नहीं, तो पता कैसे चलेगा?
यह घटना उस वक्त हुई जब नीतीश कुमार मंच से अपनी सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों का गुणगान कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने देखा कि कुछ महिलाएं अपनी कुर्सियों से उठकर बाहर की ओर जा रही हैं, उन्होंने अपना आपा खो दिया। तल्ख लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा— “अरे! आप सभी महिलाएं क्यों भाग रही हैं? अगर आप रुककर सुनेंगी नहीं, तो आपको कैसे पता चलेगा कि आपके लिए क्या किया जा रहा है?” मुख्यमंत्री के इस अचानक आए गुस्से को देख वहां मौजूद अधिकारी और नेता भी सन्न रह गए।
समृद्धि यात्रा और करोड़ों की सौगात
नीतीश कुमार अपनी राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत सीवान पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जिले को 202 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें 157 करोड़ रुपये की लागत वाली 40 योजनाओं का शिलान्यास और 45 करोड़ रुपये की 31 परियोजनाओं का उद्घाटन शामिल था। कार्यक्रम के दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे।
विवादों से पुराना नाता
सार्वजनिक मंचों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह अनपेक्षित व्यवहार कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पूर्व भी वे एक कार्यक्रम में महिला को माला पहनाने, नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान एक महिला का नकाब हटाने की कोशिश करने और विधानसभा में महिलाओं पर की गई अमर्यादित टिप्पणियों के कारण गंभीर विवादों और देशव्यापी आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। बिहार की राजनीति में महिला वोट बैंक के सबसे मजबूत आधार माने जाने वाले जेडीयू प्रमुख का यह ‘तल्ख तेवर’ अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विपक्ष को उन पर हमला करने का एक और बड़ा अवसर दे दिया है।