बिहार की राजधानी को ‘स्मार्ट’ और ‘सुंदर’ बनाने की दिशा में पटना नगर निगम (PMC) ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। शहर की दीवारों, डिवाइडरों और सार्वजनिक संपत्तियों को बैनर-पोस्टर से गंदा करने वालों के खिलाफ अब विशेष दंडात्मक अभियान चलाया जाएगा। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्पष्ट कर दिया है कि सुंदरता बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
कलाकृतियों पर ‘पोस्टर वार’ से प्रशासन सख्त;
नगर निगम ने पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों खर्च कर शहर की प्रमुख दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग्स, ऐतिहासिक धरोहरों और कलाकृतियों के जरिए पटना को एक सांस्कृतिक पहचान दी है। कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा इन कलाकृतियों पर ही अवैध रूप से पोस्टर चिपका दिए जा रहे हैं। बोरिंग रोड, डाकबंगला चौराहा, पटना जंक्शन और प्रमुख डिवाइडर सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
नगर आयुक्त का सख्त निर्देश;
नगर आयुक्त ने सभी अंचलों के कार्यपालक अधिकारियों को फील्ड में उतरकर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। अब केवल पोस्टर हटाए नहीं जाएंगे, बल्कि बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। संबंधित संस्थान या व्यक्ति पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की जा सकती है। “पटना की सुंदरता हर नागरिक का गौरव है। इसे पोस्टर से बदरंग करने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।” — नगर प्रशासन
नागरिकों के लिए हेल्पलाइन;
नगर निगम ने आम जनता से भी ‘स्वच्छता प्रहरी’ बनने की अपील की है। यदि आप कहीं भी अवैध रूप से पोस्टर लगते हुए देखें, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 155304 पर सूचित करें। वहीं, जनता की भागीदारी से शहर को विरूपण (Defacement) मुक्त बनाना है।