बिहार में राज्यसभा चुनाव की गरमाती राजनीति के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। AIMIM और राजद (RJD) के बीच बढ़ती नजदीकियों ने चुनावी समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज है। बुधवार को AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच एक अहम बैठक हुई। इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के सुर बदले-बदले नजर आए।
राजद उम्मीदवार को समर्थन देने के सवाल पर अख्तरुल ईमान ने खुलकर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन यह जरूर दोहराया कि “बातचीत बहुत पॉजिटिव हुई है, इसे पॉजिटिव ही समझिए।” उन्होंने ने साफ किया कि इस चर्चा का ब्यौरा पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को दिया जाएगा और अंतिम निर्णय वही लेंगे। वहीं, उन्होंने पुराने राजनीतिक मतभेदों की ओर इशारा करते हुए कहा कि चोट दोनों तरफ लगी है, इसलिए अब दोनों को संभलकर चलने की जरूरत है। AIMIM ने तेजस्वी यादव को 15 मार्च को होने वाली इफ्तार पार्टी के लिए आमंत्रित किया है।
तेजस्वी यादव का रुख;
मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव काफी आत्मविश्वास में दिखे। उन्होंने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा- “हमारी बातचीत बेहद सकारात्मक रही है। मैं उनके इफ्तार के न्योते को स्वीकार करता हूं। हम इफ्तार में भी शामिल होंगे और राज्यसभा का चुनाव भी जीतेंगे।”
सियासी मजबूरी या नई रणनीति?
बैठक से पहले अख्तरुल ईमान के तेवर थोड़े सख्त थे। उन्होंने अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए एक शायराना अंदाज में कहा था कि वह एक तरफ ‘दरिंदा’ और दूसरी तरफ ‘शिकारी’ (NDA और RJD पर कटाक्ष) के बीच खुद को बचाकर चल रहे हैं। हालांकि, बैठक के बाद उनके रुख में आई नरमी यह संकेत देती है कि महागठबंधन अपने एक उम्मीदवार को जिताने के लिए छोटे दलों को साधने में कामयाब हो सकता है।