सिटी पोस्ट लाइव
आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया, जो कुल 19 दिनों तक चलेगा और इस दौरान 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों, खासकर चुनाव सूची के विशेष संशोधन पर विरोध जताया, जिसके कारण हंगामा हुआ।
सत्र की शुरुआत में जब लोकसभा दोपहर 12 बजे फिर से शुरू हुई, तो विपक्षी सदस्य फिर से नारेबाजी करने लगे। इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को पेश किया, जिसके तहत तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 और मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 भी प्रस्तुत किए।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य चुनावी सूची के संशोधन को लेकर विरोध कर रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विरोध जताते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना उचित नहीं है। इसके बावजूद, विपक्षी सांसदों ने विरोध जारी रखा, जिसके कारण अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले, जब लोकसभा की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शोक संदेश दिया और दिवंगत नेताओं धर्मेन्द्र, कर्नल (सेवानिवृत्त) सोना राम चौधरी, प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा, और रवि नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यसभा की बैठक में जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय सम्मेलन के तीन सदस्य गुरविंदर सिंह ओबेरॉय, चौधरी मोहम्मद रामज़ान और सज्जाद अहमद किशलो ने शपथ ली। राज्यसभा के नए अध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन के पहले दिन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और कहा कि उनका संसद में आना भारतीय लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक है।
वहीं, बीजेपी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने आकाशवाणी न्यूज से बात करते हुए कहा कि सांसदों को अपने चुनावी मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा और सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं, जदयू के राज्यसभा सांसद संजय झा ने कहा कि विपक्ष चुनावी सूची के मुद्दे पर सत्र को बाधित करने की कोशिश कर रहा है और जनता से जुड़े असल मुद्दों पर उनका ध्यान नहीं है।