पटना हाईकोर्ट को मिला नया न्यायमूर्ति: जस्टिस अंशुल राज ने ली पद की शपथ, चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की न्यायपालिका के लिए आज 27 जनवरी, 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा। पटना हाईकोर्ट के भव्य शताब्दी भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में नवनियुक्त न्यायाधीश अंशुल राज (अंशुल) ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने उन्हें शपथ दिलाई। इस नियुक्ति के साथ ही पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है और अधिवक्ताओं के बीच हर्ष का माहौल है।

राष्ट्रपति की मुहर और नियुक्ति का सफर
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुल राज को पटना हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्त करने पर अपनी सहमति दी थी, जिसके बाद भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने 23 जनवरी, 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2025 में ही सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की अनुशंसा की थी। शपथ ग्रहण समारोह में हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश, एडवोकेट जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता और कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि
1971 में जन्मे जस्टिस अंशुल राज की जड़ें पटना से गहराई से जुड़ी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सर गणेश दत्त पाटलिपुत्र हाई स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने पटना साइंस कॉलेज से आई.एससी. और पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। मगध विश्वविद्यालय से एलएलबी करने के बाद उन्होंने 2003 में सुप्रीम कोर्ट से अपनी प्रैक्टिस शुरू की।

न्याय जगत उन्हें विरासत में मिला है। उनके पिता, योगेश चंद्र वर्मा, पटना हाईकोर्ट के प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और कई बार एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। जस्टिस अंशुल राज ने अपने करियर के दौरान पूर्व एक्टिंग चीफ जस्टिस नागेंद्र राय और अपने पिता के मार्गदर्शन में कानून की बारीकियों को सीखा। उन्होंने बिहार सरकार के विधि पदाधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी हैं।

जजों की संख्या और रिक्त पद
जस्टिस अंशुल राज के कार्यभार संभालने के साथ ही पटना हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या अब 38 हो गई है। हालांकि, हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पद 53 हैं, जिसका अर्थ है कि इस नियुक्ति के बाद भी 15 पद रिक्त बने रहेंगे। जानकारों का मानना है कि नई नियुक्तियों से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

Share This Article