पटना में गंगा किनारे शहरी विकास को नई दिशा देने वाला एक आधुनिक ग्रीन–कल्चरल सेंटर तेजी से आकार ले रहा है। जेपी गंगा पथ के उत्तर में सभ्यता द्वार के सामने विकसित किया जा रहा मल्टीपर्पस इवेंट ग्राउंड शहर को एक नए मनोरंजन केंद्र, बड़े सार्वजनिक आयोजन स्थल और पर्यावरण-अनुकूल सांस्कृतिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

गांधी मैदान पर लगातार बढ़ते आयोजनों और भीड़ के दबाव को देखते हुए इस परियोजना को एक प्रभावी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDC) ने स्थल पर मिट्टी भरने का कार्य शुरू कर दिया है और परियोजना के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) के लिए संबंधित एजेंसियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जेपी गंगा पथ के उत्तर में, ठीक सभ्यता द्वार के सामने जहां पहले एयर शो का आयोजन हो चुका है, उस विकास क्षेत्र को आकार दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य न सिर्फ गांधी मैदान का विकल्प तैयार करना है, बल्कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक और सुव्यवस्थित स्थल उपलब्ध कराना भी है। गंगा किनारे विकसित होने वाला यह विशाल मल्टीपर्पस इवेंट ग्राउंड सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मेलों, एयर शो और जनसभाओं के लिए उपयोग में लाया जाएगा, साथ ही इसे हरित क्षेत्र, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले नए हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

परियोजना की सबसे खास विशेषता 175.1 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा विशाल बॉटनिकल गार्डन है, जो पटना को एक नई प्राकृतिक पहचान देगा। इस हरित परिसर में दुर्लभ पौधों के संरक्षण के साथ ट्रेल वॉक, शांत हरित क्षेत्र और नेचर टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुल क्षेत्रफल का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में रखा जाएगा, जिससे यह शहर का सबसे बड़ा ग्रीन ज़ोन बनकर उभरेगा। वहीं, सभ्यता द्वार के ठीक सामने तितली पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो पर्यटकों और बच्चों के लिए खास आकर्षण होगा। यहां विभिन्न प्रजातियों की तितलियों के अनुकूल प्राकृतिक पौधों और वातावरण को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा एलसीटी घाट से राजापुल तक गंगा किनारे ओपन जिम और बच्चों के खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को फिटनेस, मनोरंजन और पारिवारिक गतिविधियों के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल मिल सके।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को सशक्त करने के उद्देश्य से इस परियोजना में कई आधुनिक शहरी सुविधाओं को शामिल किया गया है। परिसर में स्मार्ट पार्किंग सिस्टम, किसान हाट और हस्तशिल्प की दुकानें विकसित की जाएंगी, जिससे सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय किसानों और कलाकारों को अपने उत्पादों की बेहतर बिक्री का अवसर मिलेगा। इसके अलावा पार्क क्षेत्र में गंगा व्याख्या केंद्र और ज्ञान संग्रहालय का निर्माण भी प्रस्तावित है, जहां गंगा नदी, उसकी सभ्यता और बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी जानकारियां आम लोगों को मिलेंगी। पूरे परिसर को सुरक्षित और आपस में जोड़ने के लिए अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे विभिन्न पार्क और सुविधाएं एक ग्रीन कॉरिडोर के रूप में जुड़ सकेंगी। वहीं, गंगा किनारे एलसीटी घाट से गांधी मैदान तक 1500 मीटर से अधिक क्षेत्र में पिकनिक जोन विकसित किए जा रहे हैं। करीब 11.99 करोड़ रुपये की लागत से तीन चरणों में बनने वाली इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।