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राजधानी पटना के दानापुर व्यवहार न्यायालय में हुए सनसनीखेज ‘छोटे सरकार’ हत्याकांड में पुलिस ने भगोड़े मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया है, जो बिहटा का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। इस गिरफ्तारी के साथ ही दानापुर कोर्ट शूटआउट मामले की गुत्थी और भी सुलझ गई है।
वर्चस्व की जंग और कोर्ट में खूनी खेल
गौरतलब है कि 15 दिसंबर 2023 को दानापुर कोर्ट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब पेशी के दौरान काराधीन कैदी छोटे सरकार की अपराधियों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि यह वारदात कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि दो खूंखार गिरोहों— पांडव गिरोह और मानिक गिरोह— के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी। छोटे सरकार का संबंध पांडव गिरोह से था, जिसकी हत्या की साजिश मनोज मानिक गिरोह ने रची थी।
9वीं गिरफ्तारी: बिखरा जा रहा है अपराधियों का नेटवर्क
पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अब तक कुल 9 आरोपियों को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार रणधीर कुमार इस हत्याकांड की योजना और उसे अंजाम देने में प्रमुख भूमिका निभाने वाला संदिग्ध है। रणधीर कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है; उसके खिलाफ बिहटा और आसपास के इलाकों में हत्या एवं आर्म्स एक्ट के कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं।
4 अब भी फरार, पुलिस की रेड जारी
एसपी ने बताया कि हालांकि 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस हत्याकांड में शामिल 4 अन्य अपराधी अभी भी फरार हैं। उनकी पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने साफ किया है कि कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस गिरफ्तारी के बाद बिहटा और दानापुर के अपराधी जगत में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब रणधीर से पूछताछ कर रही है ताकि फरार चल रहे अन्य साथियों और गिरोह के भविष्य के मंसूबों का पता लगाया जा सके।