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अगर आपके घर में पेट डॉग है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आज हम बताएंगे कि डॉग में स्किन इन्फेक्शन क्यों होते है और इसे बचाव कैसे करें।
वेटरिनरी कंसल्टेंट के मुताबिक, कुत्तों में स्किन इन्फेक्शन एलर्जी, बैक्टीरिया या फंगस के कारण होता है। वहीं, कई बार काटने और चाटने से भी इन्फेक्शन फैल जाता है। अगर उसका स्किन लाल हो गया है तो समझ जाएं, स्किन प्रॉब्लम की लक्षण है। अगर उसे छोटे-छोटे दाने हो गए या घाव निकल रहे हैं या बदबू आ रही है,तो समझ जाएं की स्किन डिजीज शुरू हो गए। वहीं, कई बार उसके बाल भी झड़ने लगते हैं। बता दें, डॉग में इन्फेक्शन 2 कारणों से होता है:
प्राइमरी इन्फेक्शन: यह तब होता है, जब कुत्ता किसी बीमार जानवर या गंदे माहौल के संपर्क में आता है। जैसे स्केबीज या रिंगवर्म, जो सीधा फैल जाते हैं।
सेकेंडरी इन्फेक्शन: कई बार इन्फेक्शन सीधे नहीं होता, बल्कि दूसरी दिक्कतों की वजह से बढ़ जाता है। जैसे एलर्जी, शरीर की गंदगी, सही डाइट न मिलना या कमजोर इम्यूनिटी। ऐसी हालत में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से स्किन पर पनप जाते हैं।
डॉग को स्किन इन्फेक्शन से बचाने के कुछ आसान टिप्स:
– अपने डॉग को नियमित नहलाएं और साफ रखें
– खाने में बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट दें
– पेट को धूल-मिट्टी और गंदगी से बचाएं
– डॉग का बिस्तर और खिलौने समय-समय पर धोते रहें
– खुजली या रैश दिखने पर तुरंत जांच करवाएं
हालांकि, कुत्तों की इलाज उसके इन्फेक्शन पर डिपेंड करता है। अगर बैक्टीरिया से हुआ है तो एंटीबायोटिक दवाइयां दी जाती हैं। फंगल इन्फेक्शन में एंटीफंगल शैम्पू या क्रीम दी जाती है। एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर खास डाइट और दवाइयां बताते हैं।
बता दें कि कुछ स्किन इन्फेक्शन जैसे रिंगवर्म (Ringworm) या स्केबीज (Scabies) इंसानों में भी फैल सकते हैं। इन्हें जूनोटिक डिजीज कहते हैं। वैसे मौसम के हिसाब से भी उनकी केयर करना जरूरी है। गर्मियों और बरसात के मौसम में नमी और पसीने के कारण कुत्तों में फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन तेजी से फैलते हैं। और सर्दियों में स्किन ड्राई होकर खुजली और एलर्जी की समस्या पैदा करती है।