मतदान केंद्रों पर बुर्का पहचान को लेकर सियासी घमासान, बीजेपी और RJD आमने-सामने…

Ritu Raj

बिहार में बुर्का वोटिंग पर सियासी संग्राम छिड़ गई है। इसको लेकर बीजेपी और आरजेडी दोनों आमने-सामने हो गए हैं। राजद ने इसे चुनावी सियासी बताया है।

बुर्का विवाद को लेकर बिहार में सियासत गरमा गई है। RJD ने इसे वोट ध्रुवीकरण का एजेंडा बताया है। बीजेपी की बिहार इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शनिवार (4 अक्तूबर) को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि राज्य विधानसभा चुनाव को एक या दो चरणों में पूरा कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि मतदान केंद्रों पर बुर्का पहनकर आने वाली महिलाओं की पहचान उनके मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) के साथ ठीक से सत्यापित की जाए, ताकि केवल असली मतदाता ही वोट डाल सकें। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए। साथ ही कहा है चुनाव की घोषणा और मतदान के बीच की अनिवार्य 28 दिनों की अवधि से अधिक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर अगले कुछ दिनों में चुनाव की घोषणा होती है, तो मतदान तीन या चार नवंबर से शुरू किया जा सकता है।

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गौरतलब है कि बीजेपी की यह मांग राजद को रास नहीं आई। पार्टी के लोकसभा नेता अभय कुशवाहा, प्रवक्ता चितरंजन गगन और मुकुंद सिंह ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से मुलाकात की। कुशवाहा ने बुर्का विवाद को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि हाल ही में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हुआ है और सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र मिल रहे हैं। ऐसे में पहचान कोई बड़ी चुनौती नहीं है, बल्कि बीजेपी इस बहाने अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रही है।

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