महाराष्ट्र के भाषा विवाद पर प्रशांत किशोर का तीखा हमला: राज ठाकरे और उद्धव पर साधा निशाना, कांग्रेस-भाजपा को भी घेरा

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हाल ही में महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद को लेकर एक प्रेस वार्ता में तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस विवाद को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें कहीं अधिक दोषी बताया।

भाषा विवाद: राजनीतिक फायदे के लिए ‘लंपट तत्वों’ का खेल
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद का कोई वास्तविक अर्थ नहीं है। उनके अनुसार, यह विवाद केवल इसलिए पैदा किया गया है क्योंकि महाराष्ट्र में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। प्रशांत किशोर ने राज ठाकरे को “लंपट एलिमेंट” करार दिया, जिनका कोई ठोस राजनीतिक स्थान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज ठाकरे अपनी राजनीतिक जमीन बनाने के लिए भाषा विवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।

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उन्होंने यह भी कहा कि राज ठाकरे के साथ उद्धव ठाकरे भी मिल गए हैं, जो हाल के चुनावों में हार चुके हैं। प्रशांत किशोर के मुताबिक, इन दोनों भाइयों की राजनीतिक जमीन खिसक गई है, और वे राजनीति में अपना स्थान फिर से बनाने के लिए मिलकर यह प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा और कांग्रेस की चुप्पी पर गंभीर सवाल
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को “कम दोषी” बताया, और अधिक दोषी भाजपा और कांग्रेस को ठहराया। उन्होंने तर्क दिया कि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार है, और राहुल गांधी के साथ उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसे में, जब मुंबई में किसी बिहारी व्यक्ति पर हमला हो रहा है, तो तेजस्वी यादव या राहुल गांधी का कोई बयान क्यों नहीं आता? प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी यह जवाब क्यों नहीं देते कि उद्धव ठाकरे के लोग बिहारियों को क्यों मार रहे हैं या हिंदी भाषियों को क्यों गाली दे रहे हैं?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और ‘बिहार DNA’ विवाद पर भी हमला
प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे को तेलंगाना तक भी घसीटा। उन्होंने तेलंगाना के वर्तमान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “बिहार का DNA तेलंगाना के लोगों से खराब है” और “ये लोग मजदूरी करने के लिए ही पैदा हुए हैं।” प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि रेवंत रेड्डी अभी भी मुख्यमंत्री हैं और उसी दल के नेता राहुल गांधी बिहार में आकर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि किसी की हिम्मत क्यों नहीं होती कि वह राहुल गांधी से पूछे कि “अगर हम लोगों का DNA मजदूरी करने का है, तो सर आप क्यों वोट मांगने आए हैं? आप तेलंगाना में राजनीति कर लीजिए।”

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