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बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 1995 के एक पुराने मामले में हुई है, लेकिन कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे नीतीश कुमार सरकार द्वारा NEET आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग करने पर ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है। पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना भाजपा-NDA मॉडल सामने आ गया – केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।”
उन्होंने आगे कहा, “इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए। आज उनकी गिरफ्तारी साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज को डराया और दबाया जा सके। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। यह एक भयावह साजिश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहां और भी बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफनाक सच्चाई से आंखें मूंद कर बैठी है। यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है।”
पप्पू यादव की गिरफ्तारी का मामला 1995 का है। पटना के शास्त्री नगर थाने में कांड संख्या 552/1995 दर्ज की गई थी। इसमें 30 अप्रैल 1996 को कोर्ट ने संज्ञान लिया और 11 सितंबर 1998 को आरोप तय कर दिए गए थे। आरोप है कि वर्ष 1994 में पप्पू यादव ने पहली बार सांसद बनने के बाद पटना में एक मकान किराए पर लिया था, जो रहने के नाम पर था, लेकिन बाद में उसमें अपना राजनीतिक कार्यालय चला लिया। मकान मालिक मनोज बिहारी लाल (या विनोद बिहारी लाल) का आरोप है कि रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही से उन्हें परेशानी हुई। जब उन्होंने मकान खाली करने को कहा तो नहीं किया गया, जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया।
इस केस में पप्पू यादव के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद भी आरोपी हैं। आरोप है कि अपार्टमेंट के पांचवें तल्ले पर उनका आवास है और छत पर अवैध रूप से पार्टी कार्यालय बनाया गया है, जो 1994 से चल रहा है। अन्य किरायेदारों ने भी भीड़-भाड़ से परेशानी की शिकायत की है। बार-बार समन के बावजूद पेश न होने पर कोर्ट ने गिरफ्तारी का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई हुई। गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव के आवास पर हाई ड्रामा हुआ, जहां उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह गिरफ्तारी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की रेप-हत्या मामले में पप्पू यादव की सक्रियता से जुड़ी है, जहां उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए थे। नीतीश सरकार ने इस मामले की जांच SIT को सौंपी है, लेकिन परिवार और विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिशोध के मुद्दे को फिर से गरमा दिया है।