राजेश राम ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना, ‘संगठन सृजन अभियान’ से पलटवार की तैयारी

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 25 लाख महिलाओं के खातों में राशि भेजने के फैसले ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने सरकार के इस कदम को ‘वोट खरीदने का चस्का’ और ‘वोट चोरी का सफल फॉर्मूला’ करार दिया है। पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने दो-टूक कहा कि बिहार की जनता अब इन चुनावी स्टंट्स को समझ चुकी है और कांग्रेस अपने ‘संगठन सृजन अभियान’ के जरिए सरकार की इन नीतियों का पर्दाफाश करेगी।

कैश ट्रांसफर बनाम स्थाई रोजगार
राजेश राम ने नीतीश सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 हजार या 2 लाख रुपये की किश्तें बांटना केवल एक दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को स्थाई रोजगार देने में विफल रही है और अब पैसे देकर वोट हासिल करने की आदत (चस्का) पाल चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, “10 हजार की छोटी राशि से महिलाओं का जीवन नहीं बदलेगा; बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और भुखमरी असली मुद्दे हैं, जिनसे सरकार ध्यान भटका रही है।”

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

दलित उत्पीड़न और अपराध पर सरकार को घेरा
रामविलास पासवान को लेकर चल रहे विवाद और लोजपा के विरोध पर पलटवार करते हुए राजेश राम ने कहा कि सत्तापक्ष दलितों के सम्मान की बात तो करता है, लेकिन हकीकत में राज्य में दलितों और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बलात्कार और हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज जो भी सरकार की विफलताओं के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे जेल भेज दिया जाता है।

क्या है कांग्रेस का ‘संगठन सृजन अभियान’?
बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की उपस्थिति में कांग्रेस ने अपनी आगामी रणनीति का खाका पेश किया है, जिसके अंतर्गत पूरे राज्य में संगठन को मजबूती देने के लिए 40 विशेष ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इस रणनीति के तहत पार्टी ‘संगठन सृजन अभियान’ को शहरों से निकालकर पंचायत और गांव स्तर तक ले जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर कर्मठ कार्यकर्ताओं की पहचान कर संगठन की रिक्तियों को भरा जा सके। साथ ही, कांग्रेस अब सामाजिक न्याय और समीकरणों को प्राथमिकता देते हुए समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और प्रतिनिधित्व देने पर विशेष जोर दे रही है।

बिहार की राजनीति अब सीधे तौर पर ‘कल्याणकारी योजनाओं’ बनाम ‘बुनियादी सवालों’ पर आकर टिक गई है। जहां एक तरफ सरकार अपनी योजनाओं को गेम-चेंजर बता रही है, वहीं राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार और वोट की राजनीति बताकर सीधे जनता के बीच जाने की तैयारी में है।

Share This Article