सिटी पोस्ट लाइव :आरजेडी सुप्रीमो लालू के करीबी विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सनसनीखेज आरोप लगा दिया है.उन्होंने कहा है कि 2013 में उन्हें जेडीयू में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव मिला था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया. उन्होंने बताया कि एक पत्रकार ने उनकी बात मुख्यमंत्री से कराई थी.पत्रकार ने उन्हें दो करोड़ दिलाने का ऑफर दिया.जब वो नहीं माने तो उनकी बात मुख्यमत्री से कराई. लालू यादव के करीबी विधायक के इस दावे से बिहार की राजनीति फिर से गरमा गई है.
आरजेडी विधायक ने शनिवार को कहा कि 2010 के बाद जब राजद के पास महज 22 विधायक थे तब भी उनके पास पाला बदलने के कई ऑफर आए थे.जब 22 में 13 विधायक आरजेडी छोड़कर जा रहे थे, तब भी वह लालू प्रसाद के साथ खड़े रहे.आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि जीतन राम मांझी के खास दानिश रिजवान उस समय उनके पास दो करोड़ रुपये लेकर आए थे और जेडीयू में शामिल होने का ऑफर दिया था, मगर मैंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था.गौरतलब है कि उस समय दानिश मांझी के साथ नहीं थे.एक पत्रकार की भूमिका में थे.
भाई बिरेन्द्र ने कहा कि उनके नेता लालू प्रसाद हैं, अगर वह कहेंगे यहां डूबना है, तो यहां डूबेंगे, यहां रहना है तो यहां रहेंगे. उनको मंत्रिमंडल में जगह और पैसे नहीं चाहिए.इस आरोप पर हम से जुड़े दानिश रिजवान ने कहा कि पैसे लेन-देन की बात ही नहीं है. यह बात 2013 की है। तब नीतीश कुमार के प्रति आस्था रखने वाले कई आरजेडी विधायकों ने जेडीयू को समर्थन दिया था.उसी समय नीतीश के प्रति आस्था रखने वाले नेताओं से बातचीत की जा रही थी. दानिश रिजवान ने पैसे ऑफर करने की बात का पूरी तरह खंडन किया है.
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान जल्द ही होने वाला है. ऐसे में राजद विधायक भाई वीरेंद्र का यह खुलासा बिहार की राजनीति में हलचल लाने का काम करेगा.दरअसल, शनिवार को ही आरजेडी के संगठन की घोषणा हुई है.लेकिन इसमे भाई बिरेन्द्र को जगह नहीं मिली है.भाई बिरेन्द्र हैं तो आरजेडी के बड़े नेता लेकिन कभी पार्टी ने उन्हें न तो मंत्री बनाया और ना ही उन्हें लोक सभा चुनाव लड़ने का मौका दिया.जाहिर है ऐसे में उनका दर्द छलका है और आज इतना बड़ा खुलासा हुआ है.