बिहार विधानसभा चुनाव के बीच समस्तीपुर से बड़ी खबर सामने आई है। सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट (VVPAT) पर्चियां कूड़े में फेंकी मिली हैं, जिससे हड़कंप मच गया है। जिन सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है, वहां स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और ईवीएम मशीनों की निगरानी के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की तैनाती है, लेकिन इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र का दावा करते हुए एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें हजारों VVPAT पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो के साथ राजद ने आरोप लगाया है कि- “समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली. कब, कैसे, क्यों किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के डकैत के निर्देश पर हो रहा है।” मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि समस्तीपुर के डीएम को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने का आदेश दिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फेंकी गई पर्चियां मॉक पोल की VVPAT पर्चियां थीं। डीएम ने इस मामले की जानकारी चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को भी दे दी है। इसके साथ ही, संबंधित एआरओ को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा रहा है और एफआईआर दर्ज की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 6 नवंबर को सरायरंजन विधानसभा सीट पर वोटिंग संपन्न हुई थी। लेकिन मतदान के सिर्फ दो दिन बाद ही शीतलपट्टी गांव में VVPAT से निकली पर्चियां कूड़े में पाई गईं, जिससे चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर सवाल उठने लगे हैं। विवाद बढ़ने पर जिले के डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे और जांच का आश्वासन दिया। अब प्रशासन इस मामले की पूरी तरह से तहकीकात कर रहा है, ताकि चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।