बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र, महिषी विधानसभा सीट से आरजेडी के प्रत्याशी डॉ. गौतम कृष्ण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डॉ. कृष्ण ने अपनी आगामी चुनावी यात्रा के लिए आम मतदाताओं से आर्थिक सहयोग की अपील की है। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने खुद को “गरीब का बेटा” बताते हुए, चुनावी प्रक्रिया में जनता की मदद का आह्वान किया। उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल बना दिया है, और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या डॉ. कृष्ण की अपील चुनावी रणनीति का हिस्सा है, या यह किसी गंभीर आर्थिक आवश्यकता का परिणाम है।
2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में महिषी सीट पर डॉ. गौतम कृष्ण ने आरजेडी के उम्मीदवार के तौर पर जोरदार मुकाबला किया था। उस चुनाव में उन्हें महज 1,630 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। जहां जदयू के प्रत्याशी गुंजेश्वर साह को 66,316 वोट मिले थे, वहीं कृष्ण को 64,686 मत प्राप्त हुए थे। यह करीबी मुकाबला यह दर्शाता है कि महिषी सीट पर चुनावी जीत-हार का अंतर बहुत कम था, और उनकी उम्मीदवारी पर मतदाताओं का भारी समर्थन था। हालांकि, इस हार के बावजूद तेजस्वी यादव ने उन पर फिर से भरोसा जताया है, और इस बार वे महिषी सीट से आरजेडी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। उनका यह कदम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2020 में जो नजदीकी मुकाबला हुआ, वह अब चुनावी रणनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
गौरतलब है कि गौतम कृष्ण ने अपनी चुनावी यात्रा के लिए जनता से आर्थिक मदद की अपील की है। उनका यह कदम उनकी व्यक्तिगत सच्चाई और निष्ठा को दर्शाता है, क्योंकि उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में साफ-साफ कहा है कि वे किसी बड़े पूंजीपति का पैसा नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि जनता की मदद से चुनाव लड़ा जाए, ताकि यह चुनाव पूरी तरह से ‘जनता का’ बने।