सिटी पोस्ट लाइव
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं, लेकिन इस बार वजह कुछ और ही है। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर जोश में आकर तेज प्रताप ने खुद को “भविष्य का पायलट” बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक लाइसेंस साझा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि वे पायलट की ट्रेनिंग ले चुके हैं और देश सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं।
हालांकि, कुछ ही समय में इस दावे की हकीकत सामने आ गई और यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। दरअसल, जो लाइसेंस तेज प्रताप यादव ने शेयर किया, वह पायलट का नहीं बल्कि Flight Radio Telephony Operator (Restricted) लाइसेंस था। यह दस्तावेज केवल विमान में रेडियो संचार संचालन की अनुमति देता है, उड़ान भरने की नहीं।

सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक : तेज प्रताप के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जमकर चुटकी ली। एक यूजर ने लिखा, “ये पायलट नहीं, पब्लिसिटी का पैंतरा है”, वहीं दूसरे ने सवाल किया कि “भैया, ये लाइसेंस रिन्यू भी है कि नहीं?”
Grok AI नामक प्लेटफॉर्म ने भी दस्तावेज़ की जांच करते हुए स्पष्ट किया कि यह लाइसेंस विमान उड़ाने के लिए जरूरी DGCA लाइसेंस नहीं है। इसलिए यह दावा तकनीकी रूप से गलत है।
दीपा मांझी का मगही तंज ‘हम’ पार्टी की विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी ने भी तेज प्रताप पर मजाकिया तंज कसते हुए लिखा: “भैया उ सब तो ठीके हो जे हवा बनावित ह… लेकिन जौन लाईसेन्सवा पर जहाजवा उडाने की बात कर रहे हैं आप उ तो 2021 तक वैलिड है। पहले ओकर रिन्युअलवा तो करा देते… ओकरा बाद न देखल जइतो… लागित हो फिर तोरा ठग देलको कोय…”

तेज प्रताप का जवाब
सोशल मीडिया पर चल रहे मज़ाक के बीच तेज प्रताप यादव ने लिखा: “पायलट की ट्रेनिंग अगर देश के काम आ सकती है तो, मैं तेज प्रताप यादव हर समय देश की सेवा के लिए तत्पर हूँ। आपके जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने भी पायलट की ट्रेनिंग ले रखी है और देश के लिए मेरी जान भी चली जाए तो अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा”।
अब यह साफ हो चुका है कि तेज प्रताप यादव के पास वैध पायलट लाइसेंस नहीं है और उनका साझा किया गया दस्तावेज केवल रेडियो कम्युनिकेशन से संबंधित है।