Z से Y+ पर आए तेजस्वी यादव, गिरिराज और मंगल पांडेय का बढ़ा कद; बिहार में सुरक्षा बदलाव पर मचा घमासान…

Ritu Raj

बिहार की राजनीति में नेताओं के सुरक्षा घेरे में हुए बदलाव ने एक नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम किए जाने पर राजद (RJD) ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे सरकार की “बदले की भावना” करार दिया है। राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने सरकार के इस फैसले पर तीखा प्रहार किया है। उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा को Z श्रेणी से घटाकर पुनः Y+ श्रेणी कर दिया गया है। राजद का मानना है कि सत्ता पक्ष विपक्ष की बुलंद आवाज से डरा हुआ है और इसी घबराहट में सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है। शक्ति यादव ने सवाल किया कि क्या लोकतंत्र में विपक्ष द्वारा सवाल उठाना इतना बड़ा अपराध है कि उनकी सुरक्षा कम कर दी जाए?

सत्ता पक्ष: सुरक्षा में भारी इजाफा
नितिन नवीन: भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता और बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन को अब Z श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी।
राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह): जदयू के वरिष्ठ नेता और सांसद ललन सिंह के सुरक्षा घेरे को भी बढ़ाकर Z कैटेगरी कर दिया गया है।
संजय सरावगी: भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष को भी अब कड़ी सुरक्षा निगरानी (Z श्रेणी) में रखा गया है।
मंगल पांडेय: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की सुरक्षा में भी इजाफा करते हुए उन्हें Z श्रेणी प्रदान की गई है।

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केंद्रीय मंत्रियों के सुरक्षा घेरे में भी बदलाव;
गिरिराज सिंह: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से अधिक कड़ा किया गया है। उनकी सुरक्षा को Y श्रेणी से अपग्रेड कर अब Y+ श्रेणी में बदल दिया गया है।

प्रमुख बदलाव और विवाद के बिंदु;
तेजस्वी यादव की सुरक्षा: चुनाव से पहले तेजस्वी की सुरक्षा को Y+ से बढ़ाकर Z श्रेणी किया गया था, जिसे अब वापस पुरानी श्रेणी (Y+) पर ला दिया गया है।
कांग्रेस का विरोध: कांग्रेस नेता राजेश राम की सुरक्षा पूरी तरह हटा ली गई है, जिसे विपक्ष ने गैर-जरूरी और राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।
विपक्ष का तर्क: राजद का कहना है कि जब सरकार अपने प्रदेश अध्यक्षों और मंत्रियों की सुरक्षा बढ़ा रही है, तो जनता के मुद्दों को उठाने वाले मुख्य विपक्षी चेहरे की सुरक्षा कम करना उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

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