सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य सरकार और भाजपा विधायकों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकार अजीत अंजुम को ‘फर्जी’ कहे जाने और भाजपा विधायक जनक सिंह द्वारा अपनी मां और बहन को गाली देने का गंभीर आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव ने पत्रकार अजीत अंजुम का जिक्र करते हुए कहा, ” जब अजित अंजुम ग्राउंड रियलिटी चेक कर रहे थे की कई प्रमाण उनके पास है जरा आप सरकार के लोग देख लो , तो सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री) पीछे से बोल रहे थे कि वो आदमी फर्जी है। हमने कहा कि आप कौन होते हैं ये फैसला लेने वाले।” यादव ने इस टिप्पणी को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताया और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
उन्होंने छपरा के तरैया से भाजपा विधायक जनक सिंह पर बेहद तीखी टिप्पणी की। यादव ने आरोप लगाया, “ये इंजीनियरों से, डॉक्टरों से रंगदारी मांगते हैं, कमीशन मांगने वाले व्यक्ति हैं। पूरा छपरा जिला और पूरा इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट इनसे परिचित है। उस व्यक्ति से सभी लोग परेशान हैं।” उन्होंने आगे कहा, “खड़ा होकर मेरी मां को, मेरी बहन को गाली दे रहा था। बीजेपी के जनक सिंह ने मुझे मां-बहन की गाली दी।” तेजस्वी यादव ने इस घटना को सदन की मर्यादा का उल्लंघन बताया और सत्ता पक्ष के आचरण पर सवाल खड़े किए।
यादव ने लालागंज के एक अन्य भाजपा विधायक संजय सिंह पर भी सदन में माइक तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अब सदन में क्या बच गया बताओ? सत्ता पक्ष के लोग जब उपमुख्यमंत्री ही ऐसा है, जब लीडरशिप ही ऐसा है तो उनके सदस्य कैसे होंगे?” यादव ने यह भी दावा किया कि उनके भाषण को लगातार बाधित करने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने चुनौती दी, “अगर हमने भाषण में कोई भी अपशब्द बोला हो तो वे साबित कर दें।”
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष सदन में केवल हंगामा करना चाहता था और महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बचना चाहता था। उन्होंने कहा, “जाहिर सी बात है ये लोग उत्पाद मचाना चाह रहे थे। ये पहली बार होगा जब सत्ता पक्ष ही उत्पाद मचा रहा था। आप जवाब नहीं देना चाहते, आप सवाल नहीं लेना चाहते।” यह घटनाक्रम बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में गहमागहमी का माहौल पैदा कर सकता है।