जानिए कब होगा हिंदू नववर्ष 2025 का शुभारंभ

Manisha Kumari

सिटी पोस्ट लाइव

पटना: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वर्ष में बारह महीने होते हैं, जिनमें पहला महीना चैत्र और आखिरी महीना फाल्गुन होता है। कहा जाता है कि करीब 2000 साल पहले उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने विक्रम संवत की शुरुआत की थी। हिंदू संस्कृति में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को खास महत्व दिया गया है, और विक्रमादित्य ने इस पंचांग को पूरे भारत में फैलाया।

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आइए जानते हैं कि 2025 में हिंदू नववर्ष कब मनाया जाएगा। इस वर्ष विक्रम संवत 2082 का आगमन होगा। हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से, अर्थात 30 मार्च 2025 से होगा। मार्च में खरमास भी लगेगा, जिसके कारण विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी।

विक्रम संवत के 12 महीने

  • 1. चैत्र (अप्रैल)
  • 2. वैशाख (मई)
  • 3. ज्येष्ठ (जून)
  • 4. आषाढ़ (जुलाई)
  • 5. श्रावण (अगस्त)
  • 6. भाद्रपद (सितंबर)
  • 7. अश्विन (अक्टूबर)
  • 8. कार्तिक (नवंबर)
  • 9. मार्गशीर्ष (दिसंबर)
  • 10. पौष (जनवरी)
  • 11. माघ (फरवरी)
  • 12. फाल्गुन (मार्च)

चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हिंदू नववर्ष मनाने की परंपरा है। यह वह दिन है जब सम्राट विक्रमादित्य ने 57 ईसा पूर्व नववर्ष की शुरुआत की थी। इसे पूरे भारत में सबसे प्राचीन और प्रचलित वर्ष माना जाता है। इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है और नए संवत्सर के राजा तय होते हैं।

इसे मां दुर्गा की पूजा से नए संकल्पों और अनुष्ठानों का प्रतीक भी माना जाता है। महाराष्ट्र और गोवा में इसे गुड़ी पड़वा के रूप में मनाते हैं, जबकि दक्षिण भारत में इसे उगादि उत्सव के रूप में मनाया जाता है। सिंधी समुदाय में इसे चेटीचंड उत्सव के रूप में भगवान झूलेलाल की पूजा के साथ मनाया जाता है। हिंदू नववर्ष के साथ सूर्य उत्तरायण में आते हैं, जिसे हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त माना जाता है, और इस दिन से सभी मंगलकारी कार्यों की शुरुआत होती है।

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