बिहार में वोटर लिस्ट से नाम कटने का मुद्दा: तेजस्वी यादव ने उठाए गंभीर सवाल, बड़े नुकसान की आशंका जताई
सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह प्रक्रिया फर्जी तरीके से चल रही है और इसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है, जिससे उन्हें कई सरकारी योजनाओं और अधिकारों से वंचित होना पड़ेगा।
तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, “हमलोग छोड़ने वाले नहीं हैं। अगर नाम कटा, तो आपको बताना होगा, पूरा डिटेल देना होगा उसका पता, नाम, सारा डिटेल। जितने लोगों का नाम कटा है, उनको पूरा डिटेल बताने की जरूरत है, तब पता चलेगा न भाई, ईमानदार है कि नहीं इलेक्शन कमीशन?” उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और यह फर्जीवाड़ा प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गाइडलाइन में दो फॉर्म मिल रहे हैं, जबकि हकीकत कुछ और है। तेजस्वी यादव ने बताया कि 2003 के बाद यह देश का सबसे बड़ा वोटर लिस्ट पुनरीक्षण ड्राइव है, लेकिन इसमें कई गड़बड़ियाँ सामने आ रही हैं।
वोटर लिस्ट से नाम कटने के गंभीर परिणाम:
तेजस्वी यादव ने विस्तार से उन संभावित नुकसानों को गिनाया जो वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद आम लोगों को उठाने पड़ सकते हैं:
• राशन कार्ड से नाम हटेगा: यदि किसी का नाम वोटर लिस्ट से कट जाता है, तो संभव है कि उसका नाम राशन कार्ड से भी हटा दिया जाए, जिससे उसे खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा।
• पेंशन नहीं मिलेगा: वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी वोटर लिस्ट में नाम न होने पर बंद हो सकता है।
• किसान सम्मान निधि, सब्सिडी बंद: किसानों को मिलने वाली किसान सम्मान निधि और अन्य कृषि सब्सिडी भी बंद हो सकती है।
• छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी: शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
• अन्य जन कल्याण योजनाएं: आवास योजना, वृद्धा पेंशन और केंद्र तथा राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ऐसे लोग नहीं उठा पाएंगे जिनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह लिस्ट एक बार तैयार हो जाएगी तो इसी से पंचायत चुनाव भी होंगे। वार्ड सदस्य, सरपंच, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। इसलिए, यह एक बड़ा खतरनाक डिजाइन है और सभी लोगों को इसमें जागरूक रहने की जरूरत है।
राजद नेता ने अपनी पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर लगातार नजर रखने और जनता को जागरूक करने की बात कही। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता बरतने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम बेवजह वोटर लिस्ट से न कटे।