बिहार राज्य महिला आयोग ने वर्ष 2025 में कुल 3500 मामलों का निपटान किया, जिसमें लगभग 3000 पुराने मामले और 500 नए मामले शामिल थे। इस दौरान आयोग के पास कुल 2080 नए मामले आए, जिनमें से अधिकांश ‘महिला आयोग, आपके द्वार’ अभियान के तहत निपटाए गए।

महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने जानकारी दी कि सबसे अधिक शिकायतें महिला उत्पीड़न से संबंधित थीं, जिनमें ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट की घटनाएं शामिल हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा मामले एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े थे। प्रो. अप्सरा ने बताया कि उनके पदभार ग्रहण करने के बाद अब तक महिला आयोग में 1325 नए मामले आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भागलपुर जिले में अभी भी 527 मामले लंबित हैं। महिला आयोग यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि चाहे सामने वाला कितना भी रसूखदार क्यों न हो, आयोग केवल महिलाओं के हक के लिए काम करेगा और उनके अधिकारों की रक्षा करेगा।

दरअसल, आयोग को लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कई मामले भी मिले, जिनमें शादी के नाम पर यौन शोषण या पति द्वारा बिना तलाक के दूसरी महिला के साथ रहने की शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम की शिकायतें भी प्राप्त हुईं, जिनमें महिलाओं की फोटो का दुरुपयोग और उन्हें आपत्तिजनक सामग्री में शामिल किया जाना शामिल है।