चर्चित आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन की बिहार वापसी, क्या वाकई अपराध थमेगा?

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव:बिहार के सबसे चर्चित और अपराधियों के लिए डर का कारण बने आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन, जिनके नाम से ही अपराधियों के पसीने छूटने लगते हैं, अब एक बार फिर बिहार लौट आए हैं। केंद्रीय सरकार में उनकी नियुक्ति के बाद बिहार सरकार ने उन्हें राज्य में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी है। कुंदन कृष्णन को एडीजी के पद पर नियुक्त किया गया है, और उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में बिहार की पुलिस और सख्त होगी।

हमारे मैनेजिंग एडिटर श्रीकांत प्रत्यूष से एक इंटरव्यू के दौरान कुंदन कृष्णन ने कई सवालों का जवाब दिया और अपनी योजनाओं से भी अवगत कराया। जब उनसे पूछा गया कि बिहार में अपराधों के बढ़ते मामलों को वह कैसे संभालेंगे, तो उन्होंने कहा, “पहले मैं उन कार्यों की समीक्षा करूंगा, जिन्हें बिहार सरकार ने मुझे सौंपा है। कोशिश करूंगा कि बिहार पुलिस की छवि को और भी मजबूत बनाऊं। पुलिस का मुख्य कार्य जनता की सेवा करना है। अपराध नियंत्रण, विधि व्यवस्था बनाए रखना और अच्छा व्यवहार पुलिस बल के नेतृत्व में होना चाहिए। यही हमारा उद्देश्य है।”

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कुंदन कृष्णन से पूछा गया कि बिहार में अपराधों के बढ़ने का क्या कारण है, और क्या वह इसे रोकने के लिए कुछ खास कदम उठाएंगे। इस पर उन्होंने कहा, “डाटा के मुताबिक, अपराध में कोई बड़ा इजाफा नहीं हुआ है। आप मान सकते हैं कि बिहार में पहले जैसा ही माहौल है, लेकिन अपराधियों का बोलबाला अब उतना नहीं है। कुछ जगहों पर अनुशासनहीनता जरूर बढ़ी है, और हमें इन पर कार्रवाई करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “हम कानून व्यवस्था का पालन कराएंगे। अगर कोई व्यक्ति अनुशासनहीनता करता है और दूसरे के अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो यह हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाए। इसपर करवाई करने की जरूरत है। ” कुंदन कृष्णन ने यह भी बताया कि वह अपराधियों को सख्त आर्थिक दंड देंगे और अपराधियों के द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बाउंसरों की जांच करेंगे। “क्या ये बाउंसर टैक्स दे रहे हैं? क्या उनका भुगतान सही तरीके से हो रहा है? इन सभी सवालों की जांच की जाएगी।”

बालू माफिया और नक्सलियों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता अपराधियों की संपत्तियों का मूल्यांकन करना और उसे जब्त करना है। ईडी की मदद से नक्सलियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बिहार पुलिस के प्रस्ताव पर कई बड़े नक्सलियों की संपत्तियां जब्त की गई हैं।” “हमारे पास सेंट्रल एजेंसियों की मदद भी होगी, और बिहार पुलिस इस काम में पूरी तरह से सक्षम है। सही आंकड़े इकट्ठा कर के हम इसे सही दिशा में ले जाएंगे।”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ड्रीम प्रोजेक्ट शराबबंदी पर भी उन्होंने अपनी बात रखी, “हम इसका सहयोग करते हैं, लेकिन यह एक्साइज विभाग का कार्य है, इस मामलों पर पुलिस विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया जाता है।”लेकिन सवाल यही है कि क्या कुंदन कृष्णन की वापसी बिहार में अपराध पर काबू पा सकेगी, या यह सिर्फ महज एक और दावा साबित होगा? क्या बिहार पुलिस वाकई अपराधियों के खिलाफ उठाए गए इन कड़े कदमों को सफल बना पाएगी?

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