सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के भोजपुर जिले में कांग्रेस पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आज गंभीर हंगामे और कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई में तब्दील हो गई। इस घटना ने एक बार फिर भोजपुर कांग्रेस के भीतर चल रही गहरी गुटबाजी और आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है।
यह अप्रिय घटना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह-प्रभारी, छत्तीसगढ़ के भिलाई विधानसभा के विधायक देवेंद्र यादव के प्रथम आगमन और उनके भव्य स्वागत कार्यक्रम के दौरान हुई। विधायक देवेंद्र यादव जैसे ही कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने ‘जिंदाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।

इसी दौरान, भीड़ में ही कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। शुरुआती तौर पर बहस और “तू-तू, मैं-मैं” से शुरू हुआ विवाद जल्द ही हाथापाई में बदल गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख, अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कर मामले को शांत कराया। काफी मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में आई और विधायक देवेंद्र यादव का स्वागत कार्यक्रम किसी तरह संपन्न हो सका।
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि भोजपुर जिले में कांग्रेस पार्टी के भीतर एकता का अभाव है और विभिन्न गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए आयोजित की जा रही ऐसी बैठकों में इस तरह के विवाद भविष्य में पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। यह घटना राज्य नेतृत्व के लिए भी एक चुनौती पेश करती है कि वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और अनुशासन कैसे स्थापित करें।