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बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पटना में एक कॉन्क्लेव के दौरान ज़ी मीडिया से बातचीत में, प्रशांत किशोर ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल होने वाले बिहार चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) 25 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी और नीतीश कुमार इस चुनाव के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।
प्रशांत किशोर, जो पिछले तीन सालों से बिहार को “देश के सबसे अग्रणी राज्यों में शामिल करने” की रणनीति बना रहे हैं, ने JDU और नीतीश कुमार की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि लोगों को नीतीश से जो उम्मीदें थीं, उस पर वह खरे नहीं उतर पाए, हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बिहार को नहीं लूटा है, जैसा कि उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर आरोप लगाया।
उन्होंने केवल JDU ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सीटों में भी कमी आने का दावा किया। उनका मानना है कि इस बार महागठबंधन की कुल सीटें भी पहले से कम होंगी।
अपनी जन सुराज पार्टी के भविष्य को लेकर प्रशांत किशोर ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, “या तो हमारी पार्टी टॉप पर रहेगी या फिर सबसे नीचे रहेगी। या तो 10 से कम या फिर 150 से आगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में जन सुराज किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, बल्कि सीधे अगले चुनाव की तैयारी करेगी।
कांग्रेस और भाजपा की स्थिति पर बोलते हुए, किशोर ने कहा कि उन्हें बिहार में कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं दिखता, क्योंकि उसने खुद को “लालटेन (RJD का चुनाव चिन्ह) के भविष्य से जोड़ लिया है।” भाजपा को हराने के फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि इसके लिए 40% हिंदू और 20% मुस्लिम का समीकरण बनाना होगा। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि देश में 80% हिंदू होने के बावजूद भाजपा को केवल 36% वोट मिले हैं, जिससे यह साबित होता है कि भाजपा को हराया जा सकता है।
प्रशांत किशोर ने जन सुराज की सरकार बनने पर कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर सबसे पहले “फर्जी शराबबंदी कानून” को हटा देगी। इसके अलावा, 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को हर महीने ₹2,000 की पेंशन दी जाएगी, बिहार से पलायन रोकने के लिए एक विशेष विभाग बनाया जाएगा, और विद्यालयों को नेतरहाट के स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि को मनरेगा से जोड़ा जाएगा और 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और अफसरों को जेल भेजा जाएगा।
यह बयान बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है, जहां प्रशांत किशोर के दावे और वादे आने वाले चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।