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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना रिकॉर्ड 9वां बजट पेश करते हुए स्पष्ट कर दिया कि सरकार “नारेबाजी के बजाय सुधारों” पर विश्वास करती है। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक संकटों (Geo-Political tension) के बीच 7.2% की जीडीपी विकास दर का हवाला देते हुए उन्होंने विकसित भारत की दिशा में तीन मुख्य ‘कर्तव्यों’—आर्थिक विकास को गति देना, जन-आकांक्षाओं को पूरा करना और संसाधनों तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना—पर आधारित विजन पेश किया।
कृषि और किसान: ‘कोई समझौता नहीं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कड़े रुख को दोहराते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि “भारत अपने किसानों, डेयरी और मछुआरों के कल्याण से कभी समझौता नहीं करेगा,” बजट में कृषि क्षेत्र के लिए नीतिगत बदलावों के संकेत दिए गए हैं। अमेरिकी टैरिफ धमकियों के बीच भारत ने कृषि को अपनी राष्ट्रीय नीति के केंद्र में रखा है, जिससे किसानों को आय की सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलने की उम्मीद है।
उद्योग और विनिर्माण: ‘बायोफार्मा शक्ति’ और MSME को संजीवनी
विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
बायोफार्मा शक्ति: भारत को ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ के परिव्यय की घोषणा की गई। इसके तहत 1,000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹10,000 करोड़ का ‘SME ग्रोथ फंड’ और सूक्ष्म उद्यमों के लिए ₹2,000 करोड़
रणनीतिक आर्थिक क्षेत्र: सरकार रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ाने और भारत में ‘चैंपियन MSMEs’ बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर: सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया गया है। इसके लिए बजट आवंटन बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया गया है, जिसका मुख्य जोर चिप अनुसंधान (R&D) और प्रशिक्षण केंद्रों पर होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए कैपेक्स (Capex) के दायरे को और बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है (जो पिछले वर्ष ₹11 लाख करोड़ था)। साथ ही, बुनियादी ढांचे के निवेश को सुरक्षित करने के लिए एक नया ‘इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड’ भी प्रस्तावित किया गया है।
अन्य प्रमुख घोषणाएं:
कंटेनर निर्माण: अगले पांच वर्षों में भारत में कंटेनर निर्माण के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित।
केमिकल पार्क: राज्यों में तीन नए केमिकल पार्क स्थापित करने के लिए नई योजना।
नेशनल फाइबर योजना: फाइबर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए नई पहल।
वित्त मंत्री के अनुसार, यह बजट “युवा शक्ति” द्वारा संचालित है और 350 से अधिक हालिया सुधारों के साथ ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ अब अपनी पूरी रफ्तार में है। यह बजट भारत को एक विनिर्माण महाशक्ति और कृषि-सुरक्षित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।