बिहार में अपनी मांगों को लेकर अड़े राजस्व सेवा के अधिकारियों और सरकार के बीच टकराव गहराता जा रहा है। एक तरफ जहां अधिकारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच अधिकारियों के त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
इन अधिकारियों के इस्तीफे हुए मंजूर;
| अधिकारी का नाम | पदस्थापन (अंचल/जिला) | प्रभावी तिथि |
| अंशु कुमार | तत्कालीन CO, गोरौल (वैशाली) | 19 दिसंबर 2025 |
| राजन कुमार | राजस्व अधिकारी, बिक्रमगंज (रोहतास) | 26 जून 2025 |
| शिवांगी पांडेय | राजस्व अधिकारी, परसा (सारण) | 07 मई 2025 |
| अंकिता वर्मा | तत्कालीन CO, राजपुर (रोहतास) | 27 अगस्त 2024 |
डिप्टी सीएम की चेतावनी;
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि जो कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, उन्हें धमकाया जा रहा है। ऐसे दोषियों को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य डराना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े राजस्व कार्यों को सुचारु रूप से चलाना है
हड़ताल के बीच सरकार का ‘प्लान-बी’;
हड़ताल से निपटने के लिए सरकार ने दोतरफा रणनीति अपनाई है। पुराने इस्तीफों को मंजूर कर यह संदेश दिया गया है कि पद खाली होने पर सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करेगी। विभाग अब नई नियुक्तियों की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है ताकि जनता का काम प्रभावित न हो। विजय सिन्हा ने अधिकारियों से जनहित में काम पर लौटने का आग्रह किया है। उन्होंने दोहराया कि बिहार में सुधार की जो प्रक्रिया शुरू हुई है, उसे किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा।