लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को हरियाणा की वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सनसनी मचा दी। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि राज्य में करीब 25 लाख फर्जी वोटर्स जोड़े गए हैं। राहुल गांधी ने हैरान करने वाला उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा की वोटिंग लिस्ट में ब्राजील की एक मॉडल का नाम 22 बार दर्ज मिला है। सवाल उठता है कि आखिर ये ब्राजीलियन मॉडल कौन है, और उसका नाम भारतीय वोटर लिस्ट में कैसे पहुंच गया?

दरअसल, राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी स्क्रीन पर एक फोटो दिखाते हुए चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि “ये लेडी कौन है? ये सीमा है, स्वीटी है, सरस्वती है या विलमा? लेकिन ये तो ब्राजील की मॉडल निकली!” उनके इस बयान ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। बताया कि हरियाणा की वोटिंग लिस्ट में एक ही चेहरे की फोटो कई अलग-अलग नामों और पोलिंग बूथों पर दोहराई गई है। आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हेराफेरी है। वहीं, इस एक चेहरे की तस्वीर 10 से ज्यादा पोलिंग बूथों की वोटर लिस्ट में अलग-अलग नामों के साथ दर्ज है। किसी जगह “सीमा”, तो कहीं “स्वीटी” या कई जगह “सरस्वती” के नाम से। लेकिन जब कांग्रेस टीम ने उस तस्वीर की जांच की, तो पता चला कि यह चेहरा किसी भारतीय मतदाता का नहीं, बल्कि ब्राजील की एक मॉडल मैथ्यूज फरेरो (Matheus Ferrero) का है,जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इसके साथ ही कई यूजर्स ने राहुल गांधी की साझा की गई तस्वीरों को सर्च कर इसकी पुष्टि की है कि वही इमेज ब्राजील के फोटोग्राफर और मॉडल मैथ्यूज फरेरो की है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह विदेशी मॉडल की तस्वीर भारतीय वोटर लिस्ट में कैसे पहुंची? यही सवाल अब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से जवाब देने को कहा है।
इस तरह साफ है कि राहुल गांधी द्वारा दिखाई गई तस्वीर किसी वास्तविक मतदाता की नहीं, बल्कि एक स्टॉक फोटो मॉडल की थी, जिसे किसी ने वोटर लिस्ट में बिना सत्यापन के जोड़ दिया। यह गलती तकनीकी चूक हो सकती है या फिर जानबूझकर की गई लापरवाही,इस पर अब बहस तेज हो गई है। आगे उन्होंने इसे चुनाव आयोग की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि अगर ऐसी फर्जी एंट्रियां एक राज्य की वोटर लिस्ट में हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। वहीं, कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला डेटा वेरिफिकेशन सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है।