बिहार की राजनीति में गुरुवार को भावनात्मक और रणनीतिक रंग एक साथ देखने को मिले। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के राजनीतिक सफर और विकास कार्यों पर आधारित शॉर्ट फिल्म ‘मेरा नेता मेरा अभिमान’ का लोकार्पण उनके पुत्र निशांत कुमार ने जेडीयू मुख्यालय में किया। इस मौके पर एक विशेष गीत भी जारी किया गया, लेकिन कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा अशोक चौधरी की भावुकता और निशांत की बढ़ती सक्रियता की रही।

कार्यक्रम के दौरान अशोक चौधरी अपने संबोधन में बेहद भावुक हो गए और मंच पर ही रो पड़े। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले ने सभी को अचानक चौंका दिया। उनके अनुसार, नीतीश सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं बल्कि मार्गदर्शक की भूमिका में थे, और वे चाहते थे कि वे कुछ और वर्षों तक बिहार के विकास को आगे बढ़ाते रहते। इस दौरान निशांत कुमार ने आगे बढ़कर उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया।

वहीं, इस आयोजन ने निशांत कुमार की राजनीति में सक्रिय भूमिका के संकेत भी दिए। नई सरकार बनने के बाद पहली बार सामने आए निशांत का पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने साफ कहा कि उनका फोकस संगठन को मजबूत करना और जनता के बीच जाकर काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता ने बिहार में जो बदलाव की नींव रखी है, वे उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। निशांत ने राजनीतिक संतुलन दिखाते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपना “बड़ा भाई” बताया और उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया। साथ ही उन्होंने विजय चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक समर्पित कार्यकर्ता की तरह पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगे।