जनसंख्या: ‘2 से 3 बच्चे होने चाहिए’, मोहन भागवत के बयान पर बवाल, ओवैसी ने उठाए सवाल

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

पटना: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जनसंख्या के बारे में दिए गए बयान को लेकर सियासी हलचल मची हुई है। असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस ने उनके बयान पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या नीति पर अपनी बात रखते हुए नागपुर में कहा कि, “हमें दो से तीन बच्चे होने चाहिए,” जिससे राजनीति में बवाल खड़ा हो गया है। उनका यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

जनसंख्या 2.1 से कम नहीं होनी चाहिए

भागवत ने अपनी बात को विस्तार से रखते हुए कहा कि, “जनसंख्या में कमी होना चिंता का कारण है। आधुनिक जनसंख्या विज्ञान के अनुसार, जब किसी समाज की प्रजनन दर 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वह समाज धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।” उन्होंने कहा कि, “हमारी जनसंख्या नीति 1998 या 2002 में तय की गई थी, लेकिन इस नीति में यह भी स्पष्ट किया गया था कि किसी समाज की जनसंख्या 2.1 से कम नहीं होनी चाहिए। हमें जनसंख्या को दो या तीन से ज्यादा तक बनाए रखना चाहिए, क्योंकि यह जनसंख्या विज्ञान का हिस्सा है और समाज के अस्तित्व के लिए यह आवश्यक है।”

भागवत के बयान पर ओवैसी ने दी तीखी प्रतिक्रिया

इस बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोहन भागवत को जवाब देते हुए कहा, “मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या अधिक बच्चे पैदा करने वालों को वह कोई वित्तीय मदद देंगे? क्या वह उनके बैंक खातों में 1500 रुपये जमा करेंगे? क्या उनके पास इसके लिए कोई योजना है?” ओवैसी ने यह भी कहा, “जब भागवत अपने करीबी लोगों को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें इसके लिए कोई ठोस योजना पेश करनी चाहिए।”

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस पार्टी ने भी मोहन भागवत के बयान पर आलोचना की है। पार्टी नेता उमंग सिंघार ने कहा, “जो पहले से मौजूद लोग हैं, उन्हें पहले नौकरी मिलनी चाहिए। देश में नौकरियों की कमी है, फसल के लिए जमीन घट रही है, और मोहन भागवत दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहे हैं। यह उचित नहीं है।”

सियासी गर्माहट और जनसंख्या के मुद्दे पर बहस

कांग्रेस ने भी मोहन भागवत के बयान पर सवाल उठाया है. इस पूरे मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जहां कई नेता जनसंख्या नियंत्रण, नौकरियों और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं।

TAGGED:
Share This Article