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Bihar Congress
सिटी पोस्ट लाइव : दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बिहार कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई.इस बैठक में तय हुआ कि अब भविष्य में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की उम्मीदवार चयन में अहम् भूमिका होगी.प्रदेश स्तर पर होने वाली बैठक में जिलाध्यक्षों को भी शामिल किया जाएगा और उनकी सलाह को प्रमुखता दी जाएगी. दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई कांग्रेस हाईकमान और जिलाध्यक्षों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि प्रत्याशी के हार के लिए भी जिम्मेदारी तय होगी.
इस प्रस्ताव को अहमदाबाद में 8-9 अप्रैल को आयोजित कांग्रेस महाधिवेशन में पारित कराया जाएगा. बैठक को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया.विभिन्न प्रदेशों से आए जिलाध्यक्षों को इस दौरान संकल्प, समर्पण और संघर्ष पथ पर चलने का प्रण दिलाया गया. बैठक में विभिन्न प्रदेशों के 862 जिलाध्यक्ष बैठक में शामिल रहे.इस दौरान सहमति बनी कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में जिस प्रकार चुनाव टिकट निर्धारण और बंटवारे में जिलाध्यक्षों से भी राय-मशविरा होता था, वह व्यवस्था एक बार फिर प्रभावी होगी.
जिलाध्यक्षों को अपने क्षेत्र में महीने में कम से कम एक बैठक करने का निर्देश दिया गया है. जिसमें विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, विधान पार्षद की भी उपस्थिति अनिवार्य होगी. इस बैठक की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय और हाईकमान को भेजी जायेगी. जिलाध्यक्षों को प्रखंड, बूथ और वार्ड कमेटी गठन का जिम्मा भी सौंपा गया. जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, उन्हें इस कार्य के लिए छह महीने का समय दिया गया है.ऐसा नहीं होने पर जिलाध्यक्ष कार्य से मुक्त किए जाएंगे. बैठक में बिहार जिला के जिलाध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, समस्तीपुर जिलाध्यक्ष अबु समीम और बांका जिला अध्यक्ष कंचना सिंह को बिहार के प्रतिनिधि के रूप में राहुल गांधी के सामने बात रखने का मौका मिला.
बिहार के जिलाध्यक्षों का यह टास्क भी मिला कि वे अभी से बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची सत्यापन में जुट जाएं. अपने जिले में अधिक से अधिक लोगों से संवाद करें और उन्हें कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए कार्यों और इसकी नीतियों से लोगों को अवगत कराएं.इंटरनेट मीडिया के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से भी लगातार संवाद करने के निर्देश भी जिलाध्यक्षों को दिए गए. साथ ही फंड मैनेजमेंट, कांग्रेस की संपत्तियों की रक्षा का संकल्प भी जिलाध्यक्षों को दिलाया गया.बिहार के जिलाध्यक्षों को अभी से चुनावी तैयारियों में जुट जाने और प्रत्येक महीने कम से एक बैठक कर रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय और हाईकमान को भेजने का निर्देश दिया गया.