8th Pay Commission लागू होते ही खत्म क्यों हो जाता है महंगाई भत्ता? यहां समझिए पूरा गणित!…

Ritu Raj

केंद्र सरकार ने आखिरकार 8वें वेतन आयोग को हरी झंडी दे दी है, जिससे देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जनवरी 2026 से लागू होने वाले इस आयोग से सैलरी में 20-35% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। लेकिन हर बार की तरह एक सवाल फिर गूंज रहा है कि नया वेतन आयोग आते ही महंगाई भत्ता (DA) क्यों शून्य हो जाता है? दरअसल, DA खत्म नहीं होता, बल्कि पुरानी बेसिक पे में पूरी तरह मर्ज होकर नई ऊंची बेसिक सैलरी का हिस्सा बन जाता है। वहीं, यह प्रक्रिया फिटमेंट फैक्टर के जरिए होती है, जो महंगाई की भरपाई को स्थायी रूप से सैलरी में समाहित कर देती है। आइए, इस गणित को सरल उदाहरणों से समझते हैं।

महंगाई भत्ता (DA) क्या है?
– DA महंगाई (इन्फ्लेशन) से निपटने के लिए बेसिक पे पर अतिरिक्त भत्ता है।
– यह ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर हर 6 महीने में बढ़ाया जाता है।
– वर्तमान में (नवंबर 2025 तक) DA 58% है, जो जनवरी 2026 तक 60-70% तक पहुंच सकता है।
नए वेतन आयोग में क्या होता है?
हर नए आयोग में फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, यह एक गुणक है जो पुरानी बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक पे बनाता है।
फिटमेंट फैक्टर इतना ऊंचा रखा जाता है कि:
– पुराना DA पूरी तरह नई बेसिक पे में समाहित हो जाए।
– थोड़ी अतिरिक्त बढ़ोतरी भी मिले (जैसे विकास दर, परिवार इकाई आदि को ध्यान में रखकर)।
– DA रीसेट 0% पर हो जाता है। क्योंकि अब नई बेसिक पे में ही महंगाई की पुरानी भरपाई हो चुकी है। भविष्य की महंगाई के लिए नया DA फिर से शुरू होगा।

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दरअसल, यह प्रक्रिया 6वें, 7वें आयोग में भी हुई थी। 7वें में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसने 119% DA को समाहित किया।
जब महंगाई भत्ता नए मूल वेतन में मिला दिया जाता है, तो पिछले 10 साल की इन्फ्लेशन की भरपाई पहले ही पूरी हो चुकी होती है। इसलिए नए ढांचे में DA तकनीकी रूप से 0% पर रीसेट हो जाता है—क्योंकि संशोधित मूल वेतन अब इन्फ्लेशन-समायोजित आंकड़ों को दर्शाता है। इसके बाद नए इन्फ्लेशन आंकड़ों के आधार पर DA फिर से बढ़ना शुरू हो जाता है, ठीक वैसे ही जैसे 7वें आयोग के बाद हुआ।

उदाहरण से समझिए:
मान लीजिए 8वें वेतन आयोग से पहले:
मूल वेतन = ₹40,000
DA (46%) = ₹18,400
कुल वेतन = ₹58,400
आयोग लागू होने पर फिटमेंट फैक्टर 2.57:
नया मूल वेतन = ₹40,000 × 2.57 = ₹1,02,800
नया DA = 0%
नया कुल वेतन = ₹1,02,800

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