बिहार में अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस: गृहमंत्री का पुलिस को कड़ा निर्देश; छेड़खानी रोकने के लिए ‘अभय ब्रिगेड’ का गठन

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को सरदार पटेल भवन में बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कई बड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह विभाग की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई को खत्म करना है और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कठोरता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

चौधरी ने दो टूक शब्दों में कहा, “बिहार अपराधियों के लिए नहीं है। जो यहां रहकर कानून तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे या तो सुधरना होगा या राज्य छोड़ना होगा।”

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महिला सुरक्षा पर बड़ी पहल: ‘अभय ब्रिगेड’ का गठन
उपमुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य में छेड़खानी रोकने और मनचलों पर अंकुश लगाने के लिए ‘अभय ब्रिगेड’ का गठन किया गया है। यह विशेष बल स्कूल-कॉलेज के आसपास, बाजार क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय रहेगा। इसका मुख्य कार्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उत्पीड़न की किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करना होगा।

अवैध खनन और जमीन माफिया पर नकेल
श्री चौधरी ने अधिकारियों को अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए विशेष तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया:

अवैध खनन: अवैध खनन पर रियल-टाइम निगरानी तंत्र विकसित करने और प्रभावी रिपोर्टिंग सिस्टम के लिए विशेष मैकेनिज्म बनाने का निर्देश दिया गया।

जमीन फर्जीवाड़ा: गलत जमीन खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए विशेष मैकेनिज्म तैयार करने को कहा गया, ताकि जमीन से जुड़े फर्जीवाड़ों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने दोहराया कि एनडीए सरकार जमीन माफिया, बालू माफिया और शराब माफिया के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

यातायात और औद्योगिक माहौल सुधारने पर जोर
गृहमंत्री ने राज्य की यातायात व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए तीन महीने की डेडलाइन तय की गई है।

इसके साथ ही, उन्होंने जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को राज्य में औद्योगिक माहौल सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्हें उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मासिक बैठक करने को कहा गया, ताकि उनकी समस्याओं को सुना जा सके और उनका तत्काल निदान किया जा सके। यह कदम राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

कुल मिलाकर, सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और अपराधियों के खिलाफ कठोरता ही गृह विभाग की नई नीति होगी।

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