गैंगस्टर चंदन हत्याकांड-शूटआउट में शामिल तौसीफ के साथी शूटर को पुलिस ने दबोचा.

City Post Live

सिटी पोस्पट लाइव : पटना के पारस में शूट आउट को अंजाम देनेवाले दो और अपराधियों को पटना पुलिस ने दबोच लिया है. पुलिस के अनुसार शूटर विजयकांत पांडेय उर्फ रुद्रा पांडेय और हथियार सप्लायर नाम राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है.दोनों बक्सर के ही रहने वाले हैं. पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक रुद्रा पांडेय शूटआउट में शामिल था. जबकि राजेश यादव ने हथियार सप्लाई किया था.गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या से पहले रेकी में ये दोनों भी शामिल थे. इन दोनों की गिरफ्तारी हरियाणा और गुजरात से हुई है.

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राजेश ने बताया कि, वो शूटआउट में शामिल बलवंत के साथ बक्सर से पटना आया था. शेरू सिंह के कहने पर उसने पारस अस्पताल की रेकी की थी. उसके बाद आनंद बिहार कालोनी में रहने वाले अपने दोस्त रोहित पांडेय के घर रुका था. पुलिस ने जब रोहित पांडेय के कमरे की तलाशी ली तो वहां एक किताब के अंदर ड्रग्स मिली. राजेश ने बताया कि इसे उसने ही छिपाया था.पारस अस्पताल में घुसकर चंदन मिश्रा की हत्या के बाद शूटर्स अलग-अलग इलाकों में फरार हो गए थे. शूटआउट को लीड करने वाला तौसीफ अपने मौसेरे भाई निशु खान के साथ गयाजी होते हुए कोलकाता भाग गया था.

17 जुलाई काे पारस हॉस्पिटल में तौसीफ, शूटर्स को लीड कर रहा था. तौसीफ दूसरे फ्लोर पर चंदन मिश्रा के रूम में गया तो वो सबसे आगे था. उस वक्त उसके बाल-दाढ़ी बढ़े हुए थे. हत्या करने के बाद वह पटना से गया, रांची होते हुए कोलकाता भागा.तौसीफ जब कोलकाता पहुंचा तो उसकी निगाह बिहार की खबरों पर थी. टीवी पर अपनी तस्वीर देखने के बाद वो पास के सैलून में गया और पुलिस से बचने के लिए क्लीन शेव कराकर अपना हुलिया बदलने की कोशिश की.ताकि अगर पटना पुलिस फोटो कोलकाता पुलिस काे भेजती है ताे पहचान में न आ सके. जानकारी के अनुसार, तौसीफ पटना का डॉन बनना चाहता था.

जांच में पता चला है कि पारस अस्पताल के कुछ स्टाफ से तौसीफ का पहले से परिचय था. कुछ महीने पहले उसका एक दोस्त पारस में ही भर्ती था. वह उससे मिलने अक्सर अस्पताल आता-जाता था. जांच टीम के घेरे में पारस अस्पताल के कुछ कर्मी भी हैं.पुलिस की पूछताछ में तौसीफ ने बताया कि हर रोज बलवंत सभी शूटरों को पैसों का लालच देता था. वह कहता था कि सभी को समय पर पूरी रकम मिल जाएगी.तौसीफ के अनुसार, जेल में बंद शेरू ने वारदात के बाद सभी को बिहार के रास्ते नेपाल भाग जाने की सलाह दी थी. उसे लगता था कि दूसरे देश में पुलिस आरोपियों को पकड़ने नहीं पहुंचेगी.पुलिस को शक है कि, चंदन मिश्रा के गुर्गों को ये शक था कि गैंगस्टर पर अटैक हो सकता है. इसलिए चंदन मिश्रा के कुछ लोग अस्पताल के आस-पास ही ठहरे थे.वारदात के फौरन बाद शास्त्री नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची थी. लेकिन घटना के कुछ देर बाद ही चंदन मिश्रा के लोग अस्पताल पहुंच गए थे. इतनी जल्दी बक्सर से पटना के पारस अस्पताल पहुंचना संभव नहीं था.

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