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पटना: दानापुर में साइबर ठगी की शिकार हुई महिला न्याय के लिए दो दिनों से थाने का चक्कर लगाती रही, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसकी फरियाद तक सुनना मुनासिब नहीं समझा। थक-हारकर पीड़िता अपने पति के साथ दानापुर एएसपी भानु प्रताप सिंह के कार्यालय पहुंची, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और पीड़िता का आवेदन स्वीकार किया। पीड़िता के पति राजेश कुमार ने बताया कि 7 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया।
कॉल करने वाले ने खुद को एयरटेल कंपनी का अधिकारी बताया और कहा कि उनका नंबर प्रीपेड से पोस्टपेड में बदल गया है। जब राजेश कुमार ने इसे वापस प्रीपेड में करने की बात कही, तो जालसाज ने उन्हें कुछ देर के लिए इंटरनेट ऑन रखने को कहा। इसी दौरान अचानक 1.50 बजे उनके केनरा बैंक खाते से 2,49,988 रुपये दो बार में निकलने का एसएमएस आया।मैसेज मिलते ही राजेश कुमार ने तुरंत बैंक को सूचना दी और साइबर थाना पहुंचे। वहां से उन्हें 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर मामला दर्ज करवाने को कहा गया।
जब उन्होंने साइबर कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराई, तो साइबर थाना ने उन्हें स्थानीय थाना में आवेदन देने भेज दिया। लेकिन जब वे दानापुर थाना पहुंचे, तो पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। राजेश कुमार ने कहा, “दो दिन से मैं और मेरी पत्नी न्याय के लिए दानापुर थाना के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस आवेदन तक लेने को तैयार नहीं थी। जब कोई मदद नहीं मिली, तो हम आज एएसपी कार्यालय पहुंचे।” एएसपी भानु प्रताप सिंह ने तत्काल मामले में हस्तक्षेप किया, तब जाकर दानापुर पुलिस ने पीड़िता का आवेदन लिया। यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी कितने सक्रिय हो गए हैं और पुलिस का रवैया कितना लापरवाह बना हुआ है।