सिटी पोस्ट लाइव
पटना: बिहार में शराबबंदी के बावजूद पटना पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों का भ्रष्टाचार का चेहरा सामने आया है। पटना के सुलतानगंज थाना के चार पुलिसकर्मियों, जिनमें एक सहायक दरोगा भी शामिल है, ने शराब की छापेमारी के दौरान शराब की 16 बोतलें चोरी कर लीं और उसे पीने के लिए गायब कर दिया। यह खुलासा तब हुआ जब जांच के बाद पता चला कि बरामद शराब थाने के पास ही छुपा कर रखी गई थी।
पुलिस ने छापेमारी मरीन ड्राइव के पास की हुई थी, जहां से शराब बरामद की गई थी। लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि छापेमारी के बाद इन पुलिसकर्मियों ने पैसे लेकर ड्राइवर और गाड़ी को छोड़ दिया, और शराब को लेकर अपने साथ ले आए। बाद में उन्होंने शराब को छुपा दिया। जब मामले की जांच हुई तो यह कुकृत्य सामने आया।
अब तक की जांच में इन चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें एक सहायक दरोगा भी है। इस घोटाले को लेकर जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी, और बर्खास्तगी भी हो सकती है। यह घटना बिहार पुलिस के लिए एक बड़े धब्बे के रूप में सामने आई है, जिसने शराबबंदी के नाम पर पूरे सिस्टम को शर्मसार कर दिया है।
यह घटना न केवल बिहार पुलिस की छवि को धूमिल करती है, बल्कि बिहार में शराबबंदी के प्रभावी होने के दावे पर भी सवाल उठाती है। इस शर्मनाक घटना ने साबित कर दिया कि शराबबंदी का उल्लंघन अब केवल आम जनता नहीं, बल्कि पुलिसकर्मी भी कर रहे हैं, और यह स्थिति बिहार की कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है।