सिटी पोस्ट लाइव
सहरसा सदर अस्पताल का ओपीडी शुक्रवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब दवा नहीं मिलने से आक्रोशित मरीजों और उनके परिजनों ने दवा काउंटर पर जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने दवा वितरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दवा काउंटर का शीशा तोड़ डाला, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को भीषण गर्मी और कड़ी धूप के बावजूद मरीज और उनके परिजन दवा लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े थे। आरोप है कि दवा वितरण काउंटर पर मौजूद कर्मचारी आपस में बातचीत में व्यस्त थे और पर्ची लेकर इंतजार कर रहे मरीजों की अनदेखी कर रहे थे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब मरीजों को दवा नहीं मिली, तो उनका धैर्य जवाब दे गया और वे हंगामा करने लगे।

यह हंगामा जल्द ही हिंसक हो गया और आक्रोशित भीड़ ने दवा काउंटर का शीशा तोड़ दिया। शीशा टूटते ही मौके पर भगदड़ मच गई, जिससे कई मरीज और उनके परिजन चोटिल हो गए। घायलों में नंदलाली निवासी मधु देवी, बसौना की रिमझिम देवी और बनगांव की लुटन देवी का नाम सामने आया है।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित कर शांत कराया। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यहाँ इलाज के नाम पर मरीजों को “भगवान भरोसे” छोड़ दिया गया है।
हालांकि, इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी ने बताया कि “हम पहले – हम पहले” को लेकर मरीजों के बीच आपसी विवाद हुआ था। उन्होंने दावा किया कि स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया था। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।