दुलारचंद हत्याकांड में CID ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। रविवार को सीआईडी की टीम भदौर थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव पहुंची और वारदात स्थल पर करीब तीन घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम ने मेटल डिटेक्टर की मदद से बुलेट का खोखा तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा। फिलहाल जांच जारी है।
जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी की गिरफ्तारी की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। भदौर थाने में मारपीट, गाड़ी का शीशा तोड़ने और जानलेवा हमले के मामले में पीयूष पर केस दर्ज है, जिसमें अभी जमानत नहीं मिली है। अब तक इस कांड में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसडीपीओ अभिषेक सिंह ने बताया कि कंबाइंड टेक्निकल ऑपरेशन जारी है और साक्ष्य मिलते ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि दुलारचंद यादव को गोली किसने और किस वाहन से मारी। जांच टीम ने कई संदिग्धों से पूछताछ की है और इलाके में लगे सीसीटीवी व सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की मदद से सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही वारदात से जुड़े अपराधियों की पहचान हो जाएगी।