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बेगूसराय। जिले में एक बार फिर विवाह जैसी पवित्र संस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई। यह जघन्य अपराध महज इसलिए हुआ क्योंकि पति को दहेज में बाइक नहीं मिली थी। हत्या के बाद आरोपी पति और उसके परिवार वाले शव को घर में ही छोड़कर फरार हो गए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना फुलवरिया थाना क्षेत्र के मालती गांव की है, जहां मृतका लक्ष्मी देवी की शादी 2022 में राजन राय से हुई थी। लक्ष्मी देवी के पिता अरविंद सिंह, जो समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के देसरी गांव के रहने वाले हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी बड़े धूमधाम से की थी और अपनी क्षमता के अनुसार दहेज भी दिया था।

बढ़ता जा रहा था दहेज का लालच
शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक रहा और लक्ष्मी देवी ने एक बेटी को जन्म भी दिया, लेकिन कुछ समय बाद पति राजन राय और उसके परिवार वाले दहेज में बाइक और अन्य सामान की मांग करने लगे। जब लक्ष्मी देवी ने इस मांग का विरोध किया, तो उस पर अत्याचार बढ़ते चले गए। परिवार वालों का कहना है कि लक्ष्मी को पहले भी कई बार प्रताड़ित किया गया था। इसको लेकर गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन आरोपी पति की आदतें नहीं बदलीं। बार-बार समझाने के बावजूद वह अपनी मांग पर अड़ा रहा और पत्नी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
गुस्से में पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला
गुरुवार रात भी पति-पत्नी के बीच दहेज को लेकर विवाद हुआ। बात इतनी बढ़ गई कि क्रोधित राजन राय ने बेरहमी से लक्ष्मी की पिटाई शुरू कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि लक्ष्मी देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद आरोपी पति और उसके परिवार के अन्य सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए। गांववालों को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत मृतका के मायके वालों को सूचित किया। लक्ष्मी के पिता और अन्य परिजन जब उसके ससुराल पहुंचे, तो वहां कोई नहीं मिला। फुलवरिया थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया।

फरार आरोपियों की तलाश जारी
फुलवरिया थाने के प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपी पति समेत फरार ससुरालवालों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों के बावजूद देश में दहेज प्रथा और उससे जुड़ी हत्याओं का सिलसिला नहीं रुक रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को पकड़कर न्याय दिला पाती है।