बिहार विधान सभा चुनाव (2025) खत्म होते ही राज्य में अचानक एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि नेपाल जैसी हिंसा भड़काने की साजिश बिहार में रची जा रही थी। मुजफ्फरपुर के साइबर थाने में करिश्मा अजीज नाम की एक युवती पर भड़काऊ और उकसाने वाला कंटेंट फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि क्या यह हरकत अकेली थी या इसके पीछे कोई संगठित कोशिश छिपी है।
मुजफ्फरपुर की रहने वाली बताई जा रही करिश्मा अजीज पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का गंभीर आरोप लगा है। उसने अपने एक्स अकाउंट से एक भ्रामक और उकसाने वाला वीडियो पोस्ट किया, जिसे पुलिस ने नफरत और संभावित हिंसा भड़काने वाला कंटेंट माना है। मामला संज्ञान में आते ही साइबर थाना सक्रिय हुआ और एएसआई दयाल नारायण सिंह ने करिश्मा अजीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। FIR में करिश्मा अजीज (एक्स आईडी: @KarishmaAziz_) को मुख्य आरोपी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, 16 नवंबर की शाम जिले के सोशल मीडिया कोषांग से सूचना मिली कि युवती ने एक्स पर लगभग 32 सेकेंड का वीडियो प्रसारित किया है। यही वीडियो 16 नवंबर को ही पोस्ट किया गया था और पुलिस को आशंका है कि इसका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और तनाव भड़काना था।
दरअसल, आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि करिश्मा अजीज द्वारा साझा किया गया वीडियो न केवल तथ्यहीन है, बल्कि इसे जानबूझकर हालात को गलत तरीके से पेश करने के उद्देश्य से पोस्ट किया गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सामग्री चुनावी माहौल में तनाव बढ़ा सकती है और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने की साजिश का हिस्सा भी हो सकती है। यही कारण है कि युवती के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल साइबर थाना पूरे मामले की जांच में जुटा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वीडियो कहां से लिया गया और इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।