बिहार की राजनीति के केंद्र में रहने वाले मोकामा में एक बार फिर चुनावी रंजिश खूनी संघर्ष में बदलती दिख रही है। बाहुबली अनंत सिंह और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के गुटों के बीच जारी तनातनी ने रविवार (22 फरवरी) को हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस ने सूरजभान सिंह समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
जानलेवा हमले का आरोप;
पंडारक बाजार में अनंत सिंह के करीबी शोभीर सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। शोभीर के अनुसार, जब वह अपने घर से निकलकर जा रहे थे, तभी सूरजभान सिंह के बहनोई खन्ना और उनके साथियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने शोभीर के गले में गमछे का फंदा डालकर गला घोंटने की कोशिश की और पिस्टल की बट व मुक्कों से बेरहमी से पिटाई की। पीड़ित का दावा है कि आरोपियों ने उसे जमीन पर पटक कर उसकी छाती पर वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर किया गया है।
कानूनी कार्रवाई;
घायल शोभीर सिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, पुलिस ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और कन्हैया सिंह को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया है। हालांकि, इस हमले में शामिल होने के आरोप में माधव कुमार उर्फ खन्ना, ओंकार उर्फ मिथुन, विकास कुमार समेत 8 लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
चुनावी रंजिश और पुरानी अदावत;
यह टकराव केवल एक मारपीट की घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे अनंत सिंह के समर्थक हैं, इसीलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दुलारचंद हत्याकांड में खुद को फंसाए जाने का भी आरोप लगाया। वहीं, सूरजभान सिंह के समर्थकों ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है ताकि पूर्व सांसद की छवि खराब की जा सके।
वर्तमान स्थिति;
केस दर्ज होने के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोनों गुटों के बीच हिंसा और न भड़के। पुलिस अब इस मामले के साक्ष्यों और गवाहों की तफ्तीश में जुट गई है।