सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में सुशासन और ‘सम्राट एक्शन’ के बड़े-बड़े दावों के बीच अपराधियों ने एक बार फिर खूनी खेल और लूट का तांडव शुरू कर दिया है। मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हथियार के बल पर 17 लाख रुपये लूट लिए। इस घटना ने न केवल पुलिसिया गश्त की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
वारदात : न्यू फोर लेन पर फिल्मी अंदाज में घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, घटना कांटी थाना क्षेत्र के लालू-राबड़ी मोड़ के समीप की है। माइक्रोफाइनेंस कंपनी का कर्मचारी रुपयों से भरा बैग लेकर कपरपुरा रेलवे गुमटी के पास से गुजर रहा था, तभी न्यू फोर लेन पर पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उसे घेर लिया। अपराधियों ने पीड़ित की कनपटी पर पिस्टल सटा दी और जान से मारने की धमकी देकर बैग छीन लिया। इससे पहले कि कर्मचारी शोर मचा पाता, अपराधी हथियार लहराते हुए बड़ी ही आसानी से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई: नाकेबंदी और जांच का दौर
लूट की इस बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही पश्चिमी एसडीपीओ-1 सुचित्रा कुमारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित कर्मचारी से पूछताछ की। अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिले के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन नाकेबंदी की गई है, लेकिन अब तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
व्यवस्था पर सवाल: कहाँ गया ‘सम्राट एक्शन’?
बिहार में इन दिनों अपराधियों के खिलाफ ‘सम्राट एक्शन’ की चर्चा जोरों पर है, लेकिन धरातल पर अपराधी बेखौफ नजर आ रहे हैं। सुबह-सुबह 17 लाख रुपये की लूट होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस केवल घटना के बाद हाथ-पांव मारती है, जबकि निवारक गश्त (Preventive Patrolling) के नाम पर कुछ नहीं होता।
पुलिस अब आसपास के पेट्रोल पंपों और दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि लुटेरों की पहचान की जा सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि हाई-टेक होने का दावा करने वाली मुजफ्फरपुर पुलिस कब तक इन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है।