नीट छात्रा की मौत और दुष्कर्म के इस संवेदनशील मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का ब्लड सैंपल लिया गया है। अब तक कुल 12 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें सोमवार को लिए गए 11 सैंपल शामिल हैं, जिनमें छात्रा के परिवार के 5 सदस्य और 6 अन्य संदिग्ध शामिल हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद अब पीएमसीएच की उस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर मुहर लग गई है, जिसमें यौन हिंसा की आशंका जताई गई थी। पुलिस इस मामले में अब पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं जोड़ने जा रही है। परिवार द्वारा सौंपे गए आयु प्रमाण पत्र के अनुसार, छात्रा की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसके आधार पर अब यह मामला नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की धाराओं के तहत आगे बढ़ेगा।
डॉ. सतीश सिंह का विवादित बयान और धमकी;
प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. सतीश सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे काफी आक्रामक तेवर में नजर आ रहे हैं। 26 जनवरी को अस्पताल परिसर में दिए गए भाषण में उन्होंने खुद को ‘कलयुग का अभिमन्यु’ बताते हुए कहा है कि वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे। डॉ. सतीश ने खुलेआम कहा, “एक-एक का दरवाजा खोलूंगा और जमीन में गाड़ कर नेस्तनाबूत कर दूंगा।” उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक साजिश करार दिया और दावा किया कि उन्होंने कभी कुछ गलत नहीं किया।
अब आगे क्या?
SIT (विशेष जांच दल) अब DNA प्रोफाइलिंग के जरिए अपराधी की पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। हॉस्टल मालिक और अन्य करीबियों के सैंपल का मिलान कपड़ों से मिले साक्ष्यों से किया जाएगा, जिससे यह साफ हो सके कि इस जघन्य अपराध में मुख्य रूप से कौन शामिल था।