बिहार के चर्चित NEET छात्रा रेप-हत्या मामले में आज का दिन बेहद निर्णायक है। पटना की पोक्सो कोर्ट (POCSO Court) आज शुक्रवार को इस मामले के मुख्य आरोपी और हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी।
कोर्ट की कार्यवाही;
गुरुवार को कोर्ट में करीब 4 घंटे तक गहमागहमी रही, जिसमें से 2 घंटे की सुनवाई जज के चैंबर में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी से कड़ी पूछताछ की। जज ने पूछा कि जब मुख्य गवाह और मेड कमरे में गए थे, तो उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों नहीं की गई? वहीं, कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब मनीष रंजन 10 जनवरी को थाने आया था, तो उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई? पुलिस के पास इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं था कि मनीष को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया और केस में उसकी सटीक भूमिका क्या है। पीड़िता की माँ ने जांच एजेंसियों पर ‘लीपापोती’ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रसूखदार मनीष रंजन को बचाने की कोशिश की जा रही है और उन्हें झूठा साबित किया जा रहा है। स्पेशल पीपी ने मनीष रंजन को इस पूरे मामले का ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है। उनका तर्क है कि वह न केवल बिल्डिंग का मालिक है, बल्कि शम्भू गर्ल्स हॉस्टल के संचालन में भी उसकी सीधी भागीदारी है।
आज क्या होगा?
पटना हाईकोर्ट के फुल बेंच जजमेंट का हवाला देते हुए पीड़ित पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो आज सुनाया जाएगा। यदि कोर्ट दलीलों से संतुष्ट होती है, तो मनीष रंजन को जमानत मिल सकती है। जांच में खामियों या अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज की जा सकती है, जिससे मनीष को बेउर जेल में ही रहना होगा।