जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे उर्फ पप्पू पांडे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की जमीन कब्जाने के मामले में पुलिस अब विधायक की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी कर रही है।

दरअसल, यह पूरा विवाद कुचायकोट के बेलवा इलाके में स्थित 18 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि विधायक और उनके करीबियों ने जाली कागजात तैयार कर इस जमीन पर अवैध कब्जा किया और असली काश्तकारों को डराया-धमकाया। इस मामले में पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर पुलिस ने कुख्यात भू-माफिया भोला पांडे और उसके चार सहयोगियों को पहले ही दबोच लिया है। एफआईआर में विधायक पप्पू पांडे के अलावा उनके भाई सतीश पांडे और सीए राहुल तिवारी समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अपराधी विधायक के संरक्षण में ही जमीन कब्जाने का खेल खेल रहे थे।

वारंट जारी होते ही एक्शन में पुलिस;
कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद गोपालगंज पुलिस पूरी तरह सक्रिय मोड में है। ताजा जानकारी के मुताबिक आज सोमवार तड़के भारी पुलिस बल ने हथुआ प्रखंड कार्यालय के सामने स्थित विधायक के पेट्रोल पंप और आवास पर छापेमारी की। दर्जनों गाड़ियों के साथ पहुंची पुलिस टीम ने परिसर की तलाशी ली, लेकिन विधायक वहां मौजूद हैं या नहीं, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से विधायक समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

फरार हैं मुख्य आरोपी;
पुलिस ने इस मामले में अब तक भोला पांडे, दीपक, गुड्डू और नीतीश को जेल भेज दिया है, लेकिन विधायक पप्पू पांडे और उनके भाई सतीश पांडे अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फिलहाल विधायक से संपर्क करने की कोशिशें नाकाम रही हैं और पुलिस के आला अधिकारी भी अभी इस मामले में आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं।