रेप पीड़ित बच्चियों की मौत पर सियासत गरम, कांग्रेस ने सरकार को घेरा, जांच की उठी मांग

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

बिहार में रेप और गैंगरेप की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर सियासत गरमा गई है। हाल ही में मुजफ्फरपुर से रेफर की गई एक नाबालिग रेप पीड़िता की पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में इलाज के अभाव में मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य में महिलाओं, खासकर नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं, और सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस एफआईआर दर्ज करने से कतराती है और अस्पतालों में पीड़ित बच्चियों को उचित इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरवत जहां ने भी इन घटनाओं को “सिस्टम की संवेदनहीनता” बताया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधा हस्तक्षेप करने की मांग की।

वहीं, कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास ने कहा कि बिहार पुलिस शराब माफियाओं के नाम पर दिखावा कर रही है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा के मामले में असफल है। उन्होंने आरोप लगाया कि PMCH में रेप पीड़िता को इलाज के लिए बेड नहीं दिया गया, जिससे उसकी एंबुलेंस में ही मौत हो गई। इस घटना ने सत्ताधारी दल के सांसद और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल को भी झकझोर दिया। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मैं शर्मिंदा हूं कि एक बच्ची की मौत हो गई। ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए और जिनकी लापरवाही से यह हुआ, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।” यह मामला न सिर्फ एक स्वास्थ्य व्यवस्था की असफलता को उजागर करता है, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था, संवेदनशीलता और शासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है।

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