सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के पूर्णिया जिले में एक युवती के साथ हुई दरिंदगी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। डगरुआ थाना क्षेत्र में छह युवकों द्वारा युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने की जघन्य वारदात पर बिहार राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक (SP) से जवाब तलब किया है और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
रास्ते से अगवा कर बंद कमरे में की हैवानियत
घटना बीते मंगलवार की है, जब पीड़िता नेवलाल चौक से पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान एक चार पहिया वाहन पर सवार छह मनचलों ने उसे रास्ते में घेर लिया। युवती ने जब विरोध किया, तो आरोपियों ने जबरन उसका मुंह दबाकर उसे गाड़ी में पटक दिया। आरोपी उसे डगरुआ थाना क्षेत्र के बरियार चौक स्थित ‘जया ट्रेडर्स’ के पास एक सुनसान कमरे में ले गए। वहां बारी-बारी से सभी छह दरिंदों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और विरोध करने पर बुरी तरह मारपीट भी की।
उपमुखिया का पति गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
वारदात के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने छापेमारी कर डगरुआ की उपमुखिया के पति जुनैद आलम को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस हैवानियत में वह मुख्य भूमिका में था। पुलिस अब बाकी पांच फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
महिला आयोग की सख्ती: माँगी गई पूरी रिपोर्ट
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने पूर्णिया एसपी को लिखे पत्र में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराध कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। आयोग ने पुलिस से पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि अब तक अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पीड़िता के लिए न्याय की मांग उठ रही है।