सिटी पोस्ट लाइव
मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र से जुड़े एक जघन्य मामले में, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप कुमार चौधरी ने गुरुवार को एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषी को चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह महत्वपूर्ण फैसला न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है और ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश देता है।
यह मामला 29 दिसंबर 2022 का है, जब केस के सूचक अपनी पत्नी के साथ अपने बच्चे का इलाज कराने भागलपुर के मायागंज अस्पताल गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि उनकी नाबालिग बेटी घर में नहीं थी। घर पर मौजूद दो अन्य छोटे बच्चों ने बताया कि पड़ोस का एक व्यक्ति पीड़िता को कुछ खिलाकर कहीं ले गया है। परिवार ने तत्काल बेटी की खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर, 1 जनवरी 2023 को हवेली खड़गपुर थाना में इस संबंध में केस दर्ज कराया गया।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि पुलिस अनुसंधान के दौरान यह सामने आया कि आरोपित पीड़िता को लेकर छत्तीसगढ़ चला गया था और वहां लगातार उसके साथ यौन संबंध बनाता रहा। घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद, पुलिस ने पीड़िता और आरोपित को जमुई रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।
इस मामले में, विगत 30 मई को आरोपित को दोषी करार दिया गया था। गुरुवार को सजा के बिंदुओं पर सुनवाई के बाद, न्यायालय ने दोषी को भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो उसे चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
न्यायालय ने यह भी महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि पीड़िता को 3.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अतिरिक्त, दोषी द्वारा जो जुर्माने की राशि जमा की जाएगी, वह भी पीड़िता को ही भुगतान की जाएगी। यह फैसला न केवल अपराधी को दंडित करता है, बल्कि पीड़ित को न्याय और आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।